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व्रत और त्योहार/पंचांग (बृहस्पतिवार, 8 मार्च 2012)

स्नान-दान की पूर्णिमा। अन्वाधान। होली। धुरड्डी। बसंतोत्सव। विभूति धारण स्पर्श। भूतिका स्नान। रतिकाम महोत्सव। श्री चैतन्य महाप्रभु जयंती। मन्वादि पूर्णिमा। होलाष्टक समाप्त। सूर्य उत्तरायण। सूर्य दक्षिण गोल। बसंत ऋतु। मध्याह्न् 1:30 मिनट से 3 बजे तक राहुकालम्।

8 मार्च, बृहस्पतिवार, 18 फाल्गुन (सौर) शक 1933, फाल्गुन मास 25 प्रविष्टे 2068, 14 रबी उस्सानी हिजरी सन् 1433, फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा सांय 3:9 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र सांय 7:12 मिनट तक बाद उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, धृति योग, मध्याह्न् 12:32 मिनट तक पश्चात् शूल योग, बव करण, चंद्रमा रात्रि 12:39 मिनट तक सिंह राशि में उपरांत  कन्या राशि में।
पं. वेणीमाधव गोस्वामी

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  • Web Title:व्रत और त्योहार/पंचांग (बृहस्पतिवार, 8 मार्च 2012)