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अगले माह से सूबे में सिर्फ स्मार्ट कार्ड डीएल बनेगा

अगले माह से पूर राज्य में सिर्फ स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस ही बनेगा। परिवहन विभाग ने 1नवम्बर से 30 दिसम्बर के बीच सभी जिला परिवहन कार्यालयों में स्मार्ट कार्ड लाइसेंस बनाने की कार्ययोजना तैयार कर ली है। बुधवार को मुजफ्फरपुर, सुपौल और गया डीटीओ से वाहन चालकों को कागज वाले लाइसेंस की बजाय कंप्यूटर चिपयुक्त लाइसेंस मिलने लगेगा। फिलहाल पटना डीटीओ में ही यह सुविधा उपलब्ध है। चार चरणों में ड्राइविंग लाइसेंस व्यवस्था लागू करने के बाद अगले वर्ष से ऑनर बुक भी स्मार्ट कार्ड पर ही मिलेगा।ड्ढr ड्ढr परिवहन सचिव सुनील वर्थवाल और राज्य परिवहन आयुक्त रामशोभित पासवान के साथ विभागीय अधिकारियों की बैठक में सभी जिलों में स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली लागू करने की कार्ययोजना को मंजूरी मिल गयी। इसके तहत 1नवम्बर को मुजफ्फरपुर, सुपौल और गया, 26 नवम्बर को समस्तीपुर, नालन्दा, कटिहार, पूर्णिया, बेगूसराय, शेखपुरा, जमुई और मोतिहारी, 12 दिसम्बर को औरंगाबाद, लखीसराय, मुंगेर, भोजपुर, भभुआ, मधुबनी और जहानाबाद से स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस बनने लगेगा। शेष जिलों में 30 दिसम्बर तक काम चालू हो जायेगा।ड्ढr ड्ढr स्मार्ट कार्ड लाइसेंस बनवाने के लिए वाहन चालक को तस्वीर, नाम-पते के साथ-साथ दायें-बायें हाथ की अंगुलियों का निशान भी देना होगा ताकि भविष्य में फर्जी लाइसेंस न बन सके। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा मंजूर किये गये ‘वाहन और सारथी’ साफ्टवेयर का उपयोग हो रहा है। इसके लिए गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया डीटीओ में 8-8 कम्प्यूटर जबकि अन्य डीटीओ में 3-3 कम्प्यूटरों के साथ जेनरटर भी लगाये जा रहे हैं।

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