DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

खर्राटा लेना अच्छी नींद नहीं, रोग का लक्षण

खर्राटा लेना अच्छी नींद की पहचान नहीं बल्कि यह रोग का लक्षण है। रात में खर्राटा लेते हैं और दिन में झपकी मारते हैं तो कभी भी हादसा हो सकता है। यह सब अचानक और अनचाहे में होता है। इसे ‘स्लीप एपनिया’ बीमारी कहते हैं। पीड़ित व्यक्ित की सोने के दौरान सांस रुकने की भी शिकायत पाई जाती है। चेस्ट एण्ड एडवांस स्लीप स्टडी सेंटर द्वारा रविवार को आयोजित ‘स्लीप एपनिया’ सेमिनार में ये बाते कोलकाता के विशेषज्ञ डा.ध्रुवज्योति कुमार ने कही। उन्होंने बताया कि 5-6 फीसदी युवा इस रोग से पीड़ित है।ड्ढr ड्ढr रात में अच्छी नींद नहीं आने के कारण रोगी सुबह में अपने को तरोताजा महसूस नहीं करता। वह जहां भी बैठता है वह नींद लेने लगता है। ऐसे लोग वाहन चलाते समय नींद के कारण दुर्घटना कर बैठते हैं। यह देखा गया है कि जो लोग मोटे होते है उनमें इसकी शिकायत पायी जाती है। स्थिय यह हो जाती है कि सोते समय उनकी सांस में रुकावट होती है। इससे व्यक्ित के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है। एक सीमा के बाद खर्राटा लेनेवाला व्यक्ित नींद से जग जाता है। ऐसे मरीजों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उदासी और हृदय रोग की आशंका होती है।ड्ढr ड्ढr सीपीएपी मशीन को रात में पहनकर सोने से पीड़ित व्यक्ित को इस समस्या से निजात मिलता है। इस मौके पर श्वसन रोग विशेषज्ञ डा. संजय कुमार ने बताया कि राज्य में ऐसे रोगियों की कमी नहीं है लेकिन जागरूकता के अभाव में कितनों की जान चली जाती है। हृदय रोग विशेषज्ञ डा.ए.के.ठाकुर ने बताया कि यह निर्धारित हो गया है कि मोटे लोगों से खर्राटे का सबंध है। इसके कारण हृदयघात की भी आशंका रहती है। वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए डा.गोपाल प्रसाद सिन्हा और डा.एस.के.प्रसाद ने इस बारं में जागरुकता फैलाने की आवश्यकता बतायी। कार्यक्रम का संचालन कार्डियोथोरासिक सर्जन डा.संजीव कुमार ने किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: खर्राटा लेना अच्छी नींद नहीं, रोग का लक्षण