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चीन ने बढ़ाया रक्षा बजट, सकते में भारत-अमेरिका

चीन ने बढ़ाया रक्षा बजट, सकते में भारत-अमेरिका

चीन ने इस बार अपने रक्षा बजट में जबर्दस्त इजाफा किया है। उसने ऐलान किया है कि वह इस साल डिफेंस सेक्टर में 106.4 अरब डॉलर की बड़ी रकम खर्च करेगा। रक्षा बजट में 11.2 फीसदी का यह इजाफा पड़ोसी देशों समेत बाकी देशों के बीच एशिया-पसिफिक रीजन में उसकी बढ़ती सैन्य ताकत और दबदबे को लेकर चिंता पैदा कर सकती है।

डिफेंस बजट में इस बड़े इजाफे का ऐलान करते हुए चीनी संसद नैशनल पीपल्स कांग्रेस (एनपीसी) की 11वीं मीटिंग के पांचवें सेशन में प्रवक्ता ली झाओशिंग ने कहा कि चीन की सीमित सैन्य ताकत का मकसद अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना है। इससे बाकी देशों को किसी तरह का कोई खतरा नहीं होगा।

गौरतलब है कि दुनिया की सबसे बड़ी सेना (20 लाख 30 हजार सैनिक) रखने वाला कम्युनिस्ट देश पिछले दशक भर से हर साल अपने रक्षा बजट में बड़ा इजाफा करता आ रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि रक्षा क्षेत्र में चीन का खर्च उसके रक्षा बजट के आंकड़ों से कहीं ज्यादा है।

चीन ने पिछले साल ही अपना पहला एयरक्राफ्ट करियर पोत लॉन्च किया था। पूर्व सोवियत संघ कालीन यह पोत चीनी नौसेना की मारक क्षमता में इजाफा करेगा।

रक्षा बजट में बढ़ोतरी का बचाव करते हुए ली ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चीन सरकार आर्थिक विकास के साथ रक्षा विकास में समन्वय के सिद्धांत को अपना रही है। उन्होंने कहा कि चीन देश के रक्षा बजट को उसकी राष्ट्रीय रक्षा तथा आर्थिक विकास की जरूरतों के अनुसार आकार दे रहा है।

विश्लेषकों की मानें तो चीन के रक्षा खर्च में बढ़ोतरी भारत के रक्षा बजट पर भी असर डाल सकती है। चीन के पिछले वर्ष के 92 अरब डॉलर के रक्षा बजट के मुकाबले भारत का रक्षा खर्च 36.28 अरब डॉलर था। चीन का नया रक्षा बजट मंजूरी के लिए एनपीसी में पेश किया जाएगा, जिसका सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है।

चीन के तेजी से बढ़ते रक्षा बजट ने अमेरिका और जापान समेत कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका ने हाल ही एक ऐसी रक्षा रणनीति का ऐलान किया था जो चीन की बढ़ती ताकत का मुकाबला करने पर केंद्रित थी।

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