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18 जनवरी, 2020|12:54|IST

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आठ साल में नहीं बना एक भी कोल्डस्टोरचा

मार्केटिंग बोर्ड द्वारा आठ साल बाद भी किसी जिले में कोल्डस्टोरा का निर्माण नहीं किया जा सका है। जबकि वर्ष 2001 में ही बोर्ड ने राज्य के 12 जिलों में कोल्डस्टोरा बनाने का निर्णय लिया था। इसमें रांची के अलावा देवघर, दुमका, धनबाद, जमशेदपुर, पलामू, लोहरदगा, गढ़वा, कोडरमा, हाारीबाग, रामगढ़ शामिल हैं। बोर्ड में लिये गये निर्णय के अनुसार रांची में अत्याधुनिक कोल्डस्टोरा का निर्माण होना था। कमेटी के पास जमीन भी है और फंड भी। परंतु इच्छाशक्ित के अभाव में किसानों के हित की इस योजना पर पानी फिर गया। अधिकारी कहते हैं कि आठ साल में बोर्ड के आठ एमडी बदल गये। नतीजा महत्वपूर्ण योजनाएं लटक गयीं। धनबाद में पीपीपी मॉडल के तर्ज पर कोल्डस्टोरा बनाने का फैसला हुआ था। 2006 में टेंडर हुआ। कृषि मंत्री नलिन सोरन ने वर्ष 2006 में शिलान्यस भी कर दिया। सूत्रों का कहना है कि तत्कालीन एमडी एमपी दास के साथ बालाजी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड का सौदा नहीं पटा और योजना लटक गया। बोर्ड के चेयरमैन और एपीसी एके सरकार के अनुसार धनबाद में जल्द ही कोल्ड स्टोरा क निर्माण शुरू कर दिया जायेगा। कंपनी के साथ सौदा (बोर्ड को मिलनेवाले शेयर) फाइनल होते ही उसे कार्यादेश की अनुमति दे दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही रांची के किसानों को तोहफा दिया जायेगा।

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