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23 फरवरी, 2020|4:11|IST

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रिम्स में भरती बच्चों को मिली छुट्टी

विषाक्त दूध पीने से बीमार जनजातीय विद्यालय बरवाडीह, बेड़ो के बच्चों की स्थिति अब पहले से काफी अच्छी है। रविवार को रिम्स में इलाजरत 11 बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी। अपोलो में भरती 10 बच्चों की स्थिति भी अब खतर से बाहर है। इन बच्चों को छुट्टी दिये जाने पर अस्पताल प्रबंधन सोमवार को विचार करगा। अपोलो के चिकित्सा अधीक्षक डॉ पीडी सिन्हा ने बताया कि सभी बच्चों की स्थिति में सुधार है। सोमवार को कुछ जांच की जायेगी। सभी जांच ठीक होने पर बच्चों को छुट्टी दे दी जायेगी। इधर रिम्स में भरती वार्डन युगेश्वर राम की स्थिति अभी भी यथावत बनी हुई है। उसका इलाज आइसीयू में किया जा रहा है। उसके सीने में दर्द है।ड्ढr बेड़ो घटना की जांच होनी चाहिये : स्पीकरड्ढr विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि बेड़ो घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए। इस कांड में यदि जिम्मेवार लोगों की लापरवाही है, तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने घटना को दुखद बताया।ड्ढr बच्चों को देखने अपोलो गये अजरुन और रामटहलड्ढr ओरमांझी। बेड़ो आदिवासी आवासीय विद्यालय के बीमार छात्रों को देखने के लिए रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री सह विपक्ष के नेता अजरुन मुंडा और पूर्व सांसद रामटहल चौधरी अपोलो अस्पताल आये। उन्होंने कहा कि यह घटना लापरवाही का नतीजा है, इसकी जितनी भी निंदा की जाये कम हैं। सरकार इसकी जांच करवाये तथा दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। बाद में राजद नेता अन्नपूर्णा देवी भी बच्चों को देखने पहुंची।

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