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विनिवेश से पहले होगा ONGC नीलामी का विश्लेषण

विनिवेश से पहले होगा ONGC नीलामी का विश्लेषण

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने अन्य कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने से पहले नीलामी प्रक्रिया के विश्लेषण का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि ओएनजीसी की नीलामी प्रक्रिया में बड़ी मुश्किल से लक्षित राशि जुटाई जा सकी।
    
मुखर्जी ने कहा कि यह (ओएनजीसी की नीलामी) पहला मामला है। हमें विश्लेषण के बाद इसका आकलन करना होगा।
    
ओएनजीसी की नीलामी प्रक्रिया आखिरी मौके पर एलआईसी के बचाव भूमिका में उतरने के बाद बड़ी मुश्किल से लक्ष्य राशि जुटा जा सकी। मुखर्जी ने कल कहा था कि हिस्सेदारी की बिक्री के लिए 98.3 फीसदी अभिदान मिला जिससे सरकार को 12,733 करोड़ रुपये मिलेंगे।
    
इस नीलामी प्रक्रिया के जरिये 42.77 करोड़ शेयरों की बिक्री की पेशकश की गई थी, जबकि मांग 42.04 करोड़ शेयरों की रही। बताया जाता है कि इसमें से एलआईसी ने 41 करोड़ शेयर खरीदे हैं। सरकार ने पहले से सेबी से कहा है वह उन तकनीकी दिक्कतों की जांच करे जिससे ओएनजीसी के शेयरों की नीलामी से जुड़े अभिदान के बारे में संदेह पैदा हुआ।
   
बोली प्रक्रिया बंद करने की कोशिश में शेयर बाजार कुल अभिदान की मात्र अपलोड करने में असफल रहे, जिससे बोली की कुल मात्र के बारे में संदेह का माहौल बना। सरकार ने कल रात साफ किया कि नीलामी सफल रही और लक्ष्य के अनुरूप राशि जुटा ली गई।
   
ओएनजीसी विनिवेश के साथ सरकार ने चालू वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी बेचकर 13,878 करोड़ रुपये जुटा लिए। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए विनिवेश से 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।

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