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नेपाल में मिशन मून की खुशबू बिखेरेंगे कलाम

भारत के पहले चंद्र अभियान ‘चंद्रयान-1’ की सफलता से बाग-बाग पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भारत को अंतरिक्ष तकनीक में मिली इस महान सफलता की खुशबू बिखेरने सोमवार को नेपाल पहुंच गए। कलाम सोमवार दोपहर बाद दो दिवसीय नेपाल दौर पर काठमांडू पहुंचे। यहां उनके कार्यक्रमों की एक लंबी श्रंखला है। कलाम का यह पहला नेपाल दौरा है। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के विकास के मेरूदंड माने जानेवाले मिसाइल मैन कलाम ने सोमवार शाम को यहां ‘डायनॉमिक्स ऑफ सोशल ट्रांसफॉर्मेशन’ पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। कलाम का यह व्याख्यान ‘बी.पी. कोइराला इंडिया-नेपाल फाउंडेशन’ की ओर से आयोजित किया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंगलवार सुबह कलाम काठमांडू के भारतीय दूतावास स्थित केंद्रीय विद्यालय जाएंगे और वहां छात्रों के साथ बातचीत करंगे। कलाम काठमांडू से 30 किलोमीटर पूर्व कावर जिले के धुलिखेल स्थित निजी काठमांडू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करंगे। 23 वर्ष पुराना यह विश्वविद्यालय बिना लाभ के चलनेवाला निजी विश्वविद्यालय है, जिसमें करीब 8000 छात्र अध्ययन करते हैं। विभिन्न विषयों के साथ काठमांडू विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन का विशेष कोर्स भी चलता है। विश्वविद्यालय के कुलपति सुरश राज शर्मा ने कहा, ‘हमें इस बात से बहुत खुशी मिली है कि कलाम अपना बहुमूल्य समय हमार छात्रों को देंगे।

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  • Web Title: नेपाल में मिशन मून की खुशबू बिखेरेंगे कलाम