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कूरियर कंपनी को महंगी पड़ी लेट डिलीवरी

कूरियर अथवा पोस्ट से भेजी गई चिट्ठी, फॉर्म आदि का समय पर नही मिलना आम बात हो गई है। रोाना हाारों लोग इस परशानी से रू-ब-रू होते हैं। पर स्थानीय जगदेव पथ के अनिल कुमार ने एक बड़ी कूरियर कंपनी को लेट डिलीवरी की सजा दिलाने को ठान ली। अंतत: उस कूरियर कंपनी को 13 हाार रुपये का मुआवजा अनिल को देना पड़ा। बीते सप्ताह कूरियर कंपनी ने पटना जिला फोरम में 13 हाार रुपये का चेक जमा कर दिया। अनिल ने वर्ष 2003 में कूरियर के द्वारा एक फॉर्म दिल्ली भेजा था। फॉर्म समय पर नहीं पहुंचा। अनिल ने पटना जिला उपभोक्ता फोरम में कूरियर कंपनी के विरुद्ध मामला दर्ज करा दिया।ड्ढr ड्ढr जिला फोरम ने वर्ष 2005 में कूरियर कंपनी के पक्ष में फैसल सुनाया। फिर भी अनिल ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने जिला फोरम के फैसले को राज्य उपभोक्ता फोरम में चुनौती दे डाली। राज्य उपभोक्ता फोरम ने जिला फोरम के फैसले को खारिा कर दिया। राज्य फोरम ने अपने फैसले में कूरियर कंपनी को दस हाार मुआवजा, 1500 रुपये केस का खर्च व 100 रुपये कूरियर का शुल्क अर्थात 11600 रुपये का चेक अनिल कुमार के नाम से जमा करने को कहा। कूरियर कंपनी ने छह सप्ताह के अंदर चेक जमा नहीं किया। फोरम की ओर से कूरियर को फिर नोटिस दी गई कि आठ फीसदी लेट फाइन के साथ 13 हाार का चेक जल्द जमा करं। अंतत: कूरियर कंपनी ने 13 हाार रुपये का चेक उपभोक्ता फोरम में जमा कर दिया।

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