अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कभी जेवीएम, तो कभी झामुमो के साथ

विष्णु भैया के खिलाफ याचिका दायर करनेवाले अजरुन मुंडा के अधिवक्ता अजीत कुमार ने विष्णु भैया के हवाले से अखबार में छपी कई खबरों को स्पीकर के समक्ष रखा। उनकी कुछ प्रमुख दलीलें ये थीं: विष्णु भैया भाजपा के निलंबित विधायक हैं। भाजपा विधायक होते हुए भी वे झाविमो के साथ काम कर रहे हैं। बाबूलाल मरांडी के साथ राज्यपाल से मिलने गये थे। झाविमो ने राज्यपाल को जो ज्ञापन सौंपा था उस पर विष्णु भैया के भी हस्ताक्षर हैं।ड्ढr शिबू सोरन सरकार के विश्वास मत के दौरान विष्णु भैया ने उन्हें समर्थन देने की घोषणा की थी। भैया ने संविधान की दसवीं अनुसूची का खुलेआम उल्लंघन किया है, इसलिए उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए।ड्ढr स्पीकर को उनके उस आदेश का स्मरण कराया, जिसमें उन्होंने शिबू सरकार के विश्वास मत के दौरान विष्णु भैया एवं मनोहर टेकरीवाल की वोटिंग राइट सीज कर ली थी।ड्ढr सेमुअल केरकेट्टा के अधिवक्ता जेजे सांगा ने भी विष्णु भैया के खिलाफ दलबदल मामले में कार्रवाई के लिए कई तर्क दिये।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कभी जेवीएम, तो कभी झामुमो के साथ