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‘शेयर सूचकांक केवल एक आंकड़ा है’

नई दिल्ली वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शेयर बाजार सूचकांक को महज एक आंकड़ा बताते हुए मंगलवार को कहा कि देश की आर्थिक सेहत की सही तस्वीर बताने वाले दूसरे कई संकेतक मौजूद हैं। भारत आर्थिक सम्मेलन के तीसरे दिन यहां देश-विदेश से आए उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा कि लोगों को केवल शेयर बाजार के सूचकांक को ही सब कुछ नहीं मान लेना चाहिए, यह तो केवल बाजार के कुछ शेयरों में होने वाली घटबढ़ का संकेतक मात्र है, उन्होंने कहा कि यह केवल महज एक आंकड़ा है, अर्थव्यवस्था की गतिविधियों के बारे में बताने वाले और भी कई आंकड़े और संकेतक मौजूद हैं। चिदंबरम ने कहा कि कृषि क्षेत्र में विकास की गति अच्छी बनी हुई है, सेवा क्षेत्र भी प्रगति के रास्ते पर है, इस क्षेत्र में छोटी और मझौली इकाईयों का प्रभुत्व बना हुआ है। इसी तरह के कई दूसरे आंकड़े हैं जिनमें देश की आर्थिक गतिविधियों की झलक मिलती है। डालर के मुकाबले रुपए की दर में गिरावट के मुद्दे पर वित्त मंत्री ने कहा कि इसमें सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। विदेशी मुद्रा प्रवासी भारतीय खाते (एफसीएनआर) और प्रवासी भारतीय (बाह्य) खाते पर ब्याज दरें उदार बनाई गई हैं, उम्मीद की जा रही है कि डालर का प्रवाह बढ़ेगा और एक बार इसमें तेजी आने पर रुपए की स्थिति में भी सुधार होगा। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक आेबामा पर चिदंबरम ने कहा कि दुनिया देखना चाहेगी कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक आेबामा विश्व आर्थिक संकट से कैसे निपटते हैं तथा किसी सीमा तक जी-20 शिखर वार्ता के निष्कषोर्ं पर अमल करते हैं। भारत आर्थिक शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन यहां आर्थिक संकट पर आयोजित सत्र में कहा कि जी-20 बैठक में बुश प्रशासन ने कुछ फैसले किए हैं अब यह देखने की बात है कि जनवरी में सत्ता संभालने वाला आेबामा प्रशासन इन्हें मानता है कि नहीं। वैसे जी-20 बैठक एक अच्छी शुरुआत है। विश्व आर्थिक संकट के बारे में आेबामा के नजरिए पर उन्होंने कहा कि आेबामा की सोच वर्तमान राष्ट्रपति जार्ज बुश से अधिक व्यापक लगती है, देखना यह है कि आगे क्या होता है। चिदंबरम ने कहा कि वर्तमान आर्थिक संकट पर उनकी एक चिंता यह भी है कि दुनिया की वित्तीय संस्थाआें और गतिविधियों की निगरानी के लिए कोई प्रणाली स्थापित होती है कि नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी औपचारिक नियामक को नियुक्त करने के पक्ष में नहीं है बल्कि विशेषज्ञों का एक ऐसा समूह चाहते हैं जो विश्व की आर्थिक गतिविधियों को देखपरख कर उचित सलाह दें।

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  • Web Title: ‘शेयर सूचकांक केवल एक आंकड़ा है’