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मिस्र् से बनाएंगे रणनीतिक रिश्ते

गुट निरपेक्ष आंदोलन की दो प्रमुख हस्तियां भारत और मिस्र् रणनीतिक संबंध कायम करने को राजी हुई हैं। मिस्र् के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह इरादा व्यक्त किया। रणनीतिक संबंध दोनों देश के विदेश मंत्रियों के स्तर पर संचालित किया जाएगा। दोनों देश नेहरू काल में बेहद परस्पर गर्मजोशी के सबंध वाले देश रहे हैं। लेकिन मिस्र् के राष्ट्रपति पच्चीस साल के बाद भारत आये हैं जो इस बात का सूचक है कि लंबे समय तक दोनों ने ही एक दूसर की उपेक्षा की। अब दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने इरादा जताया है कि वे अब इस खोये मौके की भरपाई करना चाहते हैं। मिस्र् अगले साल काहिरा में 15वें गुटनिरपेक्ष देशों का शिखर सम्मेलन भी आयोजित कर रहा है। मिस्र् और भारत के रणनीतिक संबंध कायम करने का असर इस मंच को सही आर्थिक एवं राजनीतिक दिशा देने के रूप में सामने आएगा। मिस्र् अफ्रीका और खाड़ी देशों की प्रमुख आर्थिक ताकत है। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए इसे आकर्षक देश माना जाने लगा है। खुद मुबारक ने वाणिज्य मंत्री कमल नाथ से मुलाकात के बाद भारतीय कंपनियों से आग्रह किया कि वे मिस्र् में निवेश करं। भारतीय उद्योग ने अभी मिस्र् की 200 कंपनियों में निवेश किया हुआ है। कुछ सालों में यह निवेश दस हाार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। दोनों देश अंतरिक्ष और स्वास्थ्य और दवाओं के क्षेत्र में भी सहयोग के लिए राजी हुए हैं।

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