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सीपीआई नीतीश सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी

सीपीआई ने नीतीश सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय किया है। पार्टी ने क्षेत्रवाद, आतंकवाद और साम्प्रदायवाद के बढ़ते खतर पर चिन्ता व्यक्त करते हुए राज्यव्यापी राजनीतिक-वैचारिक संघर्ष चलाने का भी एलान किया है। सीपीआई की राज्य परिषद की दो दिवसीय बैठक की जानकारी देते हुए वरीय नेता एवं राष्ट्रीय परिषद के सदस्य जलालुद्दीन अंसारी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को सभी सुविधाएं दिलाने के लिए प्रभावित जिलों में आंदोलन तेज किया जाएगा।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि सभी जिला मुख्यालयों में क्षेत्रवाद, आतंकवाद और सांम्प्रदायवाद के खिलाफ 20 दिसम्बर को धरना दिया जाएगा। बीपीएल सूची में मनमानी और पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ और सूची में सभी जायज गरीबों का नाम शामिल करवाने के लिए 27 दिसम्बर को सभी प्रखंडों और नगर निगम के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। महंगाई, नरगा और पीडीएस सिस्टम में गड़बड़ी, इन्दिरा आवास में घपला, प्रशासनिक-राजनीतिक भ्रष्टाचार, बाढ़ पीड़ितों का पुनर्वास, मनसे की उन्मादी कार्रवाई, अल्पसंख्यकों पर हमले, किसानों को खाद-बीज समेत अन्य वित्तीय सहायता जैसे महत्वपूर्ण सवालों को लेकर पटना में 2जनवरी को राज्यव्यापी रैली की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैठक में अलग से प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें यह कहा गया है कि बीपीएल सूची की गड़बड़ी के लिए नौकरशाह ही जिम्मेवार हैं।ड्ढr ड्ढr उनकी मनमानी के कारण ही अब तक सही बीपीएल सूची का प्रकाशन नहीं हो पाया है। अति गरीबों के नाम सूची से गायब हैं तो गरीबी रखा से ऊपर रहने वालों के नाम घड़ल्ले से उसमें शामिल कर दिये गये हैं। सीपीआई इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करगी। बैठक की अध्यक्षता जलालुद्दीन अंसारी, सुरन्द्र सौरभ और प्रमोद प्रभाकर ने संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर पार्टी के वरीय नेता और पूर्व सांसद कमाल मिश्र मधुकर और बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन के पूर्व महासचिव यमुना वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

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