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बीबीए छात्रों को सता रही भविष्य की चिंता

पटना कॉलेज बीबीए में बिना विवि प्रशासन की अनुमति के नामांकन लेनेवाले लगभग डेढ़ सौ छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। कॉलेज प्रशासन ने पूरा मामला विवि प्रशासन के पल्ले डाल दिया है। वहीं विवि प्रशासन इस मामले को लगातार लंबा खींच रहा है। ऐसे में छात्रों को जल्द न्याय मिलता नहीं दिखता है। बीबीए में बिना विवि प्रशासन की अनुमति के अतिरिक्त सेक्शन खोले जाने के मामले पर कोर्स कॉर्डिनेटर पर तो कार्रवाई हो गयी लेकिन छात्रों की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। कुलपति के पटना लौटने के बाद भी इस मामले पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी, इस पर सवाल खड़े हो गए हैं।ड्ढr ड्ढr बीबीए में आवेदन करने वाले छात्र दो गुटों में बंट गए हैं। नामांकन लेनेवाला गुट विवि प्रशासन को इसके सही करार देने पर जोर डाल रहा है, वहीं अन्य वंचित छात्र इसे फर्ाी करार देने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को एक बार फिर छात्र विभागों में कक्षाओं को स्थगित कराने पहुंचे लेकिन उन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि कुलपति के पटना आने के बाद अंतिम निर्णय हो जाएगा। विवि प्रशासन द्वारा गठित साइंस कॉलेज के प्राचार्य डा. दीपक कुमार सिंह, डा. बीके मिश्रा व प्रॉक्टर डा. रासबिहारी सिंह ने पूरे मामले की गहन जांच की है। अब देखना यह है कि समिति अपनी रिपोर्ट में किन पक्षों को दोषी ठहराता है और किस प्रकार की कार्रवाई होती है।

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