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गरीबों को नहीं मिलासस्ता अनाज

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी राज्य के गरीबों को नवंबर में सस्ती दर पर यानी दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं दिसंबर में भी सस्ते अनाज पर ग्रहण लगता दिख रहा है। गरीबों को सस्ती दर पर अनाज देने को लेकर विभाग में भी सस्पेंस बरकरार है। डिफरंस की राशि किसे मिलेगी, एफसीआइ, एएफसी या डीलर को। राज्य के 23.लाख गरीब परिवारों को सस्ती दर पर अनाज देने का निर्णय लिया गया है। इस पर हर माह लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना है। विभाग ने इस पर होनेवाले अतिरिक्त खर्च के एप्रुवल के लिए 13 नवंबर को वित्त विभाग में फाइल भेजी है। वित्त मंत्री के यहां से अभी तक फाइल नहीं लौटी है। विभाग की ओर से पहले पांच माह के लिए 75 करोड़ रुपये की मांग की गयी है। सूत्रों की मानें तो वित्त विभाग आकस्मिक निधि से मात्र दो माह का यानी 30 करोड़ रुपये देने को तैयार है। कहा गया है कि डिफरंस की राशि बाद में उपलब्ध करायी जायेगी। राशि के अभाव में सस्ती दर पर अनाज देने के लिए न तो एफसीआइ तैयार है और न एफसीआइ।ड्ढr नवंबर से ही मिलेगा : महलीड्ढr विभाग के उपसचिव दयानंद महली ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार नवंबर से ही सस्ती दर पर अनाज के लिए आवंटन दिया जायेगा। अनाज मिलने में थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है। जिन्हें बीपीएल दर पर अनाज दिया जा रहा है, वैसे उपभोक्ताओं के पैसे अगले माह एडजस्ट करा दिये जायेंगे।ड्ढr 5.12 लाख परिवार रहेंगे वंचितड्ढr बीपीएल योजना में शामिल राज्य के 5.12 लाख परिवारों को किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इन्हें न तो बीपीएल दर पर अनाज उपलब्ध कराया जायेगा और न ही अंत्योदय दर पर।

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