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संकट में विश्व का बैंकिंग उद्योग

वैश्विक आर्थिक मंदी से दुनिया के प्रमुख बैंकों के लाभ का गणित गड़बड़ा गया है और आर्थिक हालात बिगड़ने से परेशान इन बैंकों ने कर्मचारियों की छंटनी शुरू करने के साथ ही बोनस जैसी बुनियादी सुविधाएं देने से भी पल्ला झाड़ लिया है। ब्रिटेन के बार्कलेज बैंक के हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि वह अपने ग्राहकों का गुस्सा शांत करने के लिए उन्हें पैसे लौटाने को मजबूर हो गया है। बैंक ने मध्य-एशिया के निवेशकों से 5.8 अरब डॉलर जुटाने का निर्णय लिया है जिससे उसके ग्राहक नाराज हैं। उनका कहना है कि बैंक ने जिन शर्तों पर यह राशि जुटाने का फैसला किया है उससे अच्छी ब्रिटिश सरकार की राहत पैकैज में दी गई शतेर्ं हैं। ब्रिटेन के इस चौथे सबसे बड़े बैंक ने सरकार की तरफ से घोषित 37 अरब पौंड के राहत पैकेज को उसकी शर्तों की वजह से स्वीकार करने से इंकार कर दिया और मध्य-एशिया के निवेशकों से धन जुटाने का मन बनाया था।

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