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पुस्तक मेला : इंटरनेशनल लुक देने की कवायद

सीआरडी के पटना पुस्तक मेल को इंटरनेशनल लुक देने की तैयारी है। हालांकि विधिवत तौर पर इंटरनेशनल बुक फेयर का आयोजन इस बार भी संभव नहीं हो सका है पर कुछ विदेशी प्रकाशकों को मेले में शामिल कराने की कवायद चल रही है। आगामी 5 से 16 दिसंबर तक गांधी मैदान में पटना पुस्तक मेला लगेगा। पटना पुस्तक मेला के संयोजक अमित झा ने बताया कि पाकिस्तान व नाइजीरिया के दो प्रकाशकों ने भी मेले में आने की सहमति दे दी है। इसके पूर्व अमेरिका के दो प्रकाशकों ने भी मेले में आने पर सहमति जतायी थी। प्रसिद्ध कलाकार शबाना आजमी, गीतकार व निर्देशक गुलजार व जावेद अख्तर के भी मेले में आने की उम्मीद है।ड्ढr ड्ढr बाल श्रमिकों के पुनर्वास की व्यवस्था हो : प्रो.अरुण कुमारड्ढr पटना (हि.प्र.)। बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति प्रो. अरुण कुमार ने कहा कि बाल श्रमिकों का पुनर्वास सबसे जरूरी है। देश में दो करोड़ बच्चे अभी भी बाल श्रमिक हैं। बुधवार को पटना संग्रहालय में नेशनल कोलिएशन फॉर एजुकेशन के एडवाच अध्ययन रिपोर्ट का लोकार्पण करते हुए प्रो. कुमार ने कहा कि साढ़े तीन करोड़ बच्चों के लिए स्कू ल नहीं है। श्रम मंत्री अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि अशिक्षा और बाल मजदूरी का सबसे बड़ा कारण गरीबी है। ऑल इंडिया प्राइमरी टीचर्स फेडरशन के अध्यक्ष रामपाल सिंह ने कहा कि स्कूली शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाना चाहिए। राज्य बाल श्रमिक आयोग के अध्यक्ष रामदेव प्रसाद ने कहा कि उ.प्र. व बिहार को शिक्षा में बीमार प्रदेश कहा जाता है जो चिंता का विषय है।इस अवसर पर आयोग के उपाध्यक्ष चन्द्रश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, रमाकांत राय, बृजनंदन शर्मा, मोखतारुल हक ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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