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रांची यूनिवर्सिटी में कम हो रहे हैं रिसर्च : प्रो कलानिधि

यूजीसी टीम के संयोजक अन्ना यूनिवर्सिटी चेन्नई के पूर्व वीसी सह पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सहपाठी ए कलानिधि ने कहा है कि रांची यूनिवर्सिटी काफी बड़ी है। यहां के पीजी विभाग ठीक हैं, लेकिन यहां रिसर्च कम हो रहे हैं। कुछ विभाग मसलन एंथ्रोपॉलोजी, बॉटनी, जियोलॉजी, फिािक्स और मैथ में काफी रिसर्च हो रहे हैं, लेकिन अन्य विभागों में काफी कुछ किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यहां इंटरनेट का इस्तेमाल कम होने से रिसर्च कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हर विभाग में इंटरनेट होना जरूरी है। प्रो कलानिधि ने 20 नवंबर को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश की किसी अन्य यूनिवर्सिटी से ज्यादा एसटी-एससी छात्र रांची यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। कुछ विभागों में इनकी संख्या 75 फीसदी से ज्यादा है। इसी प्रकार कई विभागों में लड़कियों की संख्या भी 75 फीसदी से ज्यादा है। यह यूनिवर्सिटी लड़कियों और पिछड़े वर्ग के बीच उच्च शिक्षा का प्रसार कर रही है। इसे प्रोत्साहन के लिए अतिरिक्त ग्रांट दिया जाना चाहिये। प्रो कलानिधि के साथ यूजीसी के उप सचिव डॉ कंवल सिंह और इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के डॉ नितिन मल्लिक ने कहा कि वे यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों से संतुष्ट हैं। वे अपनी अनुशंसा यूजीसी को सौंप देंगे।ड्ढr उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी राज्य की संपति है, इसलिए आधारभूत संरचना में विकास जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।

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