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निर्यात क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन पैकेचा शीघ्र

वैश्विक आर्थिक संकट के आघातों से घरलू अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए भले ही यूपीए सरकार एड़ी से चोटी का जोर लगाये हो लेकिन निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र पर उसका दुष्प्रभाव तय हो गया है। प्रमुख व्यापारिक साझीदारों अमेरिका और यूरोप की अर्थव्यवस्था लडख़ड़ाने से घरलू निर्यात दर के लक्ष्य से आधे भी कम स्तर पर सिमट जाने की आशंका है। वाणिज्य सचिव जी.के.पिल्लई ने साफ तौर पर कहा है कि निर्यात में गिरावट का मौजूदा ट्रेंड जारी रहा तो चालू वित्त वर्ष के दौरान यह महा 10 फीसदी की वृद्धि दर पर सिमट जाएगी। लिहाजा सरकार ने विभिन्न उत्पाद क्षेत्रों के लिए प्रोत्साहन पैकेा देने की कवायद तेज कर दी है। पिल्लई के मुताबिक रोगारमूलक उत्पाद क्षेत्रों को प्राथमिक ता देने की है लेकिन दूसर निर्यातकों को उपेक्षित नहीं छोड़ा जाएगा। यहां उद्योग चैंबर फिक्की में आयोित एक सेमिनार को संबोधित करते हुये पिल्लई ने कहा कि फिलहाल टेक्सटाइल, रत्न एवं आभूषण, लेदर, समुद्री उत्पाद, ऑटो कंपोनेंट और कई अन्य क्षेत्रों के प्रोत्साहन पर व्यापक विचार विमर्श हो चुका है। अगले सप्ताह के अंत तक सचिवों की समिति प्रधानमंत्री के स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति को सिफारिशें सौंप देगी। इसके बाद प्रोसाहन पैकेा आएगा। उन्होंने कहा कि निर्यातकों की मांग के मुताबिक डय़ूटी ड्रा बैक दरों और डय़ूटी इनटाइटलमेंट पासबुक स्कीम (डीपीईबी) दरों को बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।

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  • Web Title: निर्यात क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन पैकेचा शीघ्र