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दिल्ली से बैरंग लौटे पथ निर्माण मंत्री

पथ निर्माण मंत्री डा. प्रेम कुमार दिल्ली से बैरंग वापस लौट गये। केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री टी.आर. बालू से वे मिल नहीं पाये। प्रदेश के राष्ट्रीय उच्च पथों के निर्माण का प्रस्ताव केन्द्रीय मंत्रालय तक पहुंच ही नहीं पाया। प्रदेशवासियों का अभी राष्ट्रीय उच्च पथों को झेलने का कार्यक्रम जारी रहेगा। तीन दिनों की मशक्कत के बाद भी पथ निर्माण मंत्री प्रम कुमार को केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों ने श्री बालू से मिलने नहीं दिया। दिल्ली में पदस्थापित पथ निर्माण विभाग के लायजन आफिसर केन्द्रीय मंत्रालय की दौड़ लगाते रहे पर अपने मंत्री को वे केन्द्रीय मंत्री से नहीं मिलवा पाये।ड्ढr ड्ढr अंतत: मंगलवार से दिल्ली प्रवास कर रहे प्रम कुमार ने शनिवार सुबह पटना लौटने का निर्णय किया। डा. कुमार ने सूबे के राष्ट्रीय उच्च पथों (एनएच) की बदहाली दूर करने का कार्यक्रम बनाकर उससे संबंधित राशि की मांग के लिए टी.आर. बालू से मिलने का निर्णय किया था। महात्मा गांधी सेतु पर आये दिन जाम से सूबे के लोगों को होने वाली परशानी से निजात दिलाने के लिए डा. कुमार ने केन्द्र से उसकी मरम्मत के लिए एकमुश्त राशि मांग की है। सूबे से गुजरने वाली 200 किमी. एनएच पर सैकड़ों पुल-पुलिये ऐसे हैं जो अंग्रजों के जमाने के हैं। इनका पुनर्निर्माण अत्यन्त आवश्यक है। यहीं नहीं करीब 1300 किमी. एनएच अब भी सिंगल लेन (3.5 मी. चौड़ी ) या इंटरमीडिएट लेन (5 मीटर चौड़ी) है जिसे कम से कम दो लेन (10 मीटर)करना है। वैसे राज्य सरकार ने सभी राज्य उच्च पथों (एसएच) को दो लेन और एनएच को फोर लेन में बदलने का कार्यक्रम बनाया है। इसके साथ ही पटना-रांची, पटना-लखनऊ और पटना-कोलकाता एक्सप्रस हाइवे का निर्माण भी करना है। प्रम कुमार इन सबके लिए केन्द्र से राशि की मांग करने वाले थे।

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