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बीत गए पर्व-त्योहार पर रह गया पगार का इंतजार

दुर्गा पूजा बीती। दशहरा बीता। दीपावली और छठ भी बीती। कुल मिलाकर पांच माह बीत रहे हैं लेकिन पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) की नर्सो को वेतन नहीं मिला। ये दर्द भरी दास्तान है ठेके पर बहाल करीब 700 नर्सो की। इनके सामने अब रिक्शे और ऑटो का किराया देने के भी लाले हैं, जिससे वे नौकरी करने अस्पताल ही पहुंच सकें। नतीजा, इन नर्सो को जीवनयापन के लिए र्का लेना पड़ रहा है। ये बात दीगर है कि इतना सब होने के बाद भी नर्से गूंगी बनी हुई हैं। पीएमसीएच की नर्सिग सेवा में सुधार के लिए अनुबंध के आधार पर करीब 700 नर्सो की बहाली की गई थी। ये नर्से पिछले जुलाई माह से बिना वेतन के ड्यूटी कर रही हैं। सर्वाधिक दुखी वे नर्से हैं, जिन्होंने सरकारी सेवा के आकर्षण में निजी नर्सिग होम की नौकरी छोड़ दी। अस्पताल में बाहर की नर्से भी नौकरी करती हैं। आवासीय सुविधा न होने के कारण वे किराये के मकान में रहती हैं।ड्ढr ड्ढr मकान मालिक बार- बार इनसे भाड़ा मांगता है। राशन के लिए भी दुकानदार इन्हें जलील करते हैं। नर्सो ने बताया कि उनके सब्र का बांध टूट चुका है। उधर इस मुद्दे पर अस्पताल और सचिवालय के पदाधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रंगती। निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डा.एस.पी.सिंह ये तो कहते हैं कि पैसे की कोई कमी नहीं है लेकिन आवंटन की मांग न करने का ठीकरा अस्पताल प्रशासन के सर फोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि यह काम अस्पताल प्रशासन का है कि आवंटन समाप्त हो जाए तो पुन: मांग रखे। दूसरी ओर अस्पताल उपाधीक्षक डा.आर. के. सिंह ने बताया कि आवंटन की मांग गई है। संबंधित मद में आवंटन नहीं मिलने पर वेतन की गुंजाइश नहीं बनती है।ंंं

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