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एनसीसी के प्रति छात्रों का रुझान कम

बिहार में एनसीसी के प्रति छात्रों का क्रेा कम हो रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है बदली शिक्षा पद्धति। सरकारी सुविधाओं के अभाव के कारण भी यह स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसा नहीं है कि राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों का रुझान इसके प्रति घटा है, वहां पर तो औसत बढ़ा हुआ है। फिर बिहार में यह स्थिति क्यों? इस संबंध में ग्रुप कमांडर कर्नल प्रेम प्रकाश का कहना है कि एनसीसी में अब छात्र कम आना चाहते हैं। पढ़ाई को अधिक प्राथमिकता देना और अतिरिक्त गतिविधियों के प्रति उदासीनता इसका मुख्य कारण है। स्कूल व कॉलेजों को इसके प्रति जागरूकता भी कम है।ड्ढr ड्ढr 2बिहार बटालियन से अभी 2120 कैडेट जुड़े हुए हैं। रविवार को साइंस कॉलेज में इनके द्वारा धूमधाम से प्लैटिनम जुबली समारोह मनाया जाएगा। इस संबंध में एनसीसी समन्वयक व साइंस कॉलेज एनसीसी पदाधिकारी मेजर आरएन मिश्र ने बताया कि 16 नवंबर से कर्नल पीके पंडित की अध्यक्षता में शिविर लगाया गया है। इसमें 500 कैडेट भाग ले रहे हैं। कैंप कमांडेंट कर्नल पीके पंडित, सह कैंप कमांडेंट कर्नल विवेकानंद झा व एसएम एम. प्रधान ने ने बताया कि कैडेटों ने दरभंगा हाउस के गंगा घाट व साइंस कॉलेज के पार्को की सफाई की। ‘आईटी सेक्टर में हो रहा है तेजी से विकास’ड्ढr पटना (हि.प्र.)। सूचना तकनीक उद्योग बिहार के विकास में सहायक साबित होगा। इसके विकास के लिए लोगों को प्रयास करने की जरूरत है। चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में आईटी के साथ भारत का विकास विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र सरकार के सूचना तकनीक सचिव डा. छत्रपति शिवाजी ने कहा कि आईटी सेक्टर का तेजी से विकास हो रहा है। डा. शिवाजी ने कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य में आईटी के विकास को मंत्र के रूप में इस्तेमाल किया। छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस उद्योग में विकास का सही समय यही है। हर दिन दर्जनों नए आईटी हाउस खुल रहे हैं। इसका फायदा आईटी क्षेत्र में कैरियर बनाने वाले छात्रों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की बढ़ोत्तरी हो रही है उससे भारत के पहले स्थान से हटाया नहीं जा सकता। संस्थान के निदेशक डा. वी. मुकुंदनाथ ने अतिथि का स्वागत किया।ं

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