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भारत के बिना सुरक्षा परिषद अपूर्ण : ब्लेयर

विश्व को अपने चपेट में ले सकती हैं, ले रही हैं। इसलिए इसका समाधान वैश्विक संस्थाओं के विकास में ही निहित है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि आज के दौर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तब तक बेमानी है जब तक भारत उसका स्थायी सदस्य नहीं हो जाता है। उन्होंने मंदी पर बोलते हुए कहा कि वैश्विकरण आज की सच्चाई है। इससे निपटने के लिए अर्थव्यवस्थाओं को बंद करने की जरूरत है, बल्कि अवसरों को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने तेजी से विकास कर रहे चीन और भारत को आगे आकर समस्या से निपटने का आह्वान किया। टोनी ब्लेयर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और विश्व बैंक जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत को एक बड़ी शक्ित के रूप में उचित भूमिका मिलनी चाहिए। ब्लेयर ने ‘हिन्दूस्तान टाइम्स नेतृत्व सम्मेलन में भूमंडलीकृत विश्व में नेतृत्व’ विषय पर अपने भाषण में कहा कि पिछले कुछ वषर्ों में भारत विश्व मंच पर उभरा है। अब विश्व को प्रभावित करने वाला कोई भी मुद्दा भारत के नेतृत्व के बिना हल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा अब हम चीन और भारत की चर्चा एक साथ करते हैं और जानते हैं कि शक्ित संतुलन पूर्व की आेर बढ़ रहा है। ब्लेयर ने कहा कि भारत को अपने भविष्य का मार्ग तय करना है और एक बात निश्चित है कि वह विश्व मंचों पर अपना उचित स्थान मांगेगा और उसे यह अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत के स्थाई सदस्य बने बिना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद बेमतलब है और अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष या विश्व बैंक जैसे संस्थान भारत को उसकी उचित भूमिका दिए बिना आगे नहीं बढ़ पाएंगे। ड्ढr ब्लेयर ने कहा कि भारत को यह भी ध्यान रखना होगा कि अधिकारों के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ेगी, अचानक दूसरों की आकांक्षाएं बढ़ेगी और वे आप से राय नहीं बल्कि समाधान मागंेगे। उन्होंने कहा कि विश्व का यह सबसे बड़ा लोकतंत्र साठ वर्ष में काफी आगे बढ़ा है। लेकिन इसके कारोड़ों लोग आज भी गरीब हैं। उनका कहना था कि भारत के जो लोग आगे बढ़े हैं और यहां या जहां कहीं भी गए हैं उनमें जो गतिशीलता और प्रवीणता है। वह भारत की सच्ची भावना का दर्शाती है और यही उसका भविष्य निर्धारित करेगी। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ने भारत की अंतरक्षि के क्षेत्र में विशेष समूह में शामिल होने पर बधाई देते हुए उपस्थित लोगों से कहा कि इससे निश्चित रूप से आपको वैसा ही संतोष मिला होगा जैसा क्रिकेट में आस्ट्रेलिया को हराकर। विश्व आतंकवाद और मौजूदा आर्थिक संकट की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे सभी देश एकजुट होकर ही निपट सकते हैं। जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की समस्या आदि को भी मिलकर ही सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज चुनौतियां विश्वव्यापी हैं और उनका समाधान भी विश्व स्तर पर मिलकर होगा। ऐसे समाधान के लिए उन्होंने विश्वव्यापी गठबंधनों, विश्वव्यापी संस्थानों और साझा विश्वव्यापी मूल्यांे को अपनाने की आवश्यकता बताई। आर्थिक संकट को जटिल बताते हुए उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण को रोककर या संरक्षणवाद से इसका समाधान नहीं किया जा सकता। इसके बजाय सभी वगर्ों तक लाभ पहुंचाए जाने चाहिए और जोखिम मिलकर कम से कम करने होंगे। विश्वव्यापी समन्वय से ही इससे निपटा जा सकता है। ब्लेयर ने कहा कि भारत वषर्ो से आतंकवाद से पीडित रहा है और बाकी देश इसके प्रति उदासीन रहे लेकिन अब हम सभी को उसी दानव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस्लाम को गलत रूप में बताकर एक विचाराधारा को लेकर दुनिया भर में एक आंदोलन खड़ा किया जा रहा है जिसकी जड़ें गहरी हो गई हैं। उनका कहना था कि ऐसे आतंकवाद से जहां जरूरी हो वहां सैन्य साधनों से निपटा जाना चाहिए लेकिन अंतत: इससे हथियारों से नहीं बल्कि विचारों की ताकत से निपटना होगा। हमें शिक्षा के माध्यम से एक दूसरे की संस्कृति को समझना होगा। पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि वैश्वीकरण जब हमें एक साथ बांधता है तो देखना होगा कि धर्म हमें एक दूसरे से अलग न करे। यदि हमें एक-दूसरे के साथ रहना है तो एक-दूसरे के बारे में अच्छी तरह जानना होगा। उन्होंने कहा कि आस्था को टकराव या भड़काने का जरिया बनाने की बजाय प्रगति का माध्यम बनाया जा सकता है लेकिन यह तभी हो सकता है जब हम एक दूसरे की आस्था को समझें और खुला दिमाग रखे। सम्मेलन के बाद एक सवाल पर ब्लेयर ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा द्विपक्षीय मुद्दा है और इसका समाधान भारत और पाकिस्तान ही मिलकर निकाल सकते हैं।

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  • Web Title: भारत के बिना सुरक्षा परिषद अपूर्ण : ब्लेयर