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औरंगाबाद संसदीय क्षेत्र : बहुत कुछ बदल गया औरंगाबाद क्षेत्र का

औरंगाबाद संसदीय क्षेत्र की बनावट में भारी परिवर्तन हुआ है। इस संसदीय क्षेत्र का गठन गया और औरंगाबाद जिले के तीन-तीन विधानसभा क्षेत्रों को लेकर हुआ है। इस क्षेत्र में कुटुम्बा अजा, औरंगाबाद रफीगंज, गुरूआ, इमामगंज अजा, तथा टिकारी शामिल हैं। पुराने संसदीय क्षेत्र से ओबरा, गोह और नवीनगर निकल गया है तथा गया के तीन विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है। देव विधानसभा क्षेत्र का नाम बदल कर कुटुम्बा हो गया है और यह अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है। औरंगाबाद जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में से पांच के भौगोलिक और सामाजिक बनावट में कुछ न कुछ परिवतर्न हुआ है। ओबरा के बनावट में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, हालांकि ओबरा विधानसभा क्षेत्र को काराकाट में शामिल कर लिया गया है। औरंगाबाद संसदीय क्षेत्र को चित्तौड़ गढ़ के नाम से जाना जाता रहा है। नए परिसीमन में इसकी बनावट में परिवर्तन हुआ है। आजादी के बाद लंबे समय से इस क्षेत्र की पहचान अनुग्रह बाबू और उनके पुत्र पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिन्हा के नाम से बनी हुई थी । 2004 के चुनाव में कांग्रेस के निखिल कुमार ने जद यू के सुशील कुमार सिंह को 7,460 मतों से पराजित किया था। श्री कुमार को 2,0,00मत मिले थे और श्री सुशील कुमार सिंह को 2,82,54मत। आगामी चुनाव में दोनों प्रत्याशियों के ही चुनाव मैदान में उतरने की संभावना है। वैसे,ाद यू के द्वारिका प्रसाद और प्रो.कृष्णनंदन प्रसाद की भी चर्चा है।ड्ढr ड्ढr औरंगाबाद के देव में सूर्य का एक प्राचीन मंदिर है। देव राज के संस्थापक राजाभान सिंह मेवाड़ के उदयभान सिंह के छोटे भाई थे। कहा जाता है कि वे जग्गनाथ पुरी जा रहे थे और रास्ते में उमगा रानी के यहां ठहर। रानी के खिलाफ प्रजा ने विद्रोह कर दिया था। भान सिंह ने रानी का पक्ष लिया और विद्रोह को कुचल दिया। रानी का कोई उत्तराधिकारी नहीं था। रानी ने भान सिंह को अपना उत्तराधिकारी बना लिया। देव में उन्होंने अपनी राजधानी बनाई। देव के राजा छत्रपाल सिंह के पुत्र फतेहनारायण सिंह ने राजा चेत सिंह के खिलाफ अंग्रजों की मदद की थी। पिंडारियों से हुए युद्ध में उन्होंने कम्पनी का साथ दिया। औरंगाबाद की आबादी 18में 472507 थी। 101 में औरंगाबाद शहर की आबादी थी मात्र 4658 थी। 1857 के समय औरंगाबाद के इलाके भी विद्रोह के केंद्र बन गए थे।ड्ढr ड्ढr औरंगाबाद जिले में 11 ब्लाक तथा 203 पंचायतें हैं। जिले का क्षेत्रफल 3305 वर्ग किलोमीटर है। औरंगाबाद जिले की आबादी 20,13,055 है। इसमें 18,14,612 हिन्दू तथा 1,030 मुसलमान हैं। अनुसूचित जाति की आबादी 4,72,766 है,ाो आबादी का 23.4प्रतिशत है। यह पिछड़ा हुआ जिला है। इस जिले की साक्षरता दर 57.50 प्रतिशत है और 61.72 प्रतिशत आबादी गरीबी रखा के नीचे बसती है। दलित समुदाय में खेतिहर मजदूरों की तादाद 73.प्रतिशत से अधिक है। जिले की प्रति व्यक्ित आय 3,515 रुपए है। जिले के 62.14 प्रतिशत लोगों के पास टेलीफोन, रडियो ,साइकिल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। शहरी आबादी सिर्फ 8.42 प्रतिशत है। 3.30 लाख हेक्टेयर भूक्षेत्र है,ािसमें 1.लाख हेक्टेयर में खेती होती है। जिले का 67.प्रतिशत क्षेत्र सिंचित है। औरंगाबाद के ब्ैांकों में लाख रूपए जमा है,ाबकि ब्ैांकों ने सिर्फ 27,821 लाख रुपए ऋण दिए हैं। 1व 1े विधानसभा चुनावों में अनुग्रह नारायण सिंह निर्वाचित हुए थे। 1े चुनाव में वे निर्विरोध चुने गए। 1े संसदीय चुनाव में सत्येंद्र नारायण सिन्हा, 1ललिता राज्यलक्ष्मी, 1मुंद्रिका सिंह, 1सत्येंद्र नारायण सिन्हा, 1राम नरश सिंह, 1वीरंद्र कुमार सिंह, 1सुशील कुमार सिंह तथा 1श्रीमती श्यामा सिन्हा चुनी गईं।

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