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कंपाउंडर ने ली मासूम की जान

रामकृष्णानगर थानांतर्गत ओम क्लीनिक में एक झोला छाप कंपाउंडर ने गलत सुई व दवा देकर एक साल के मासूम की जान ले ली। शनिवार को लगभग पांच बजे मानसी की मौत होते ही सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपाउंडर मदन चौधरी (ाहानाबाद) तथा अन्य स्टाफ क्लीनिक छोड़कर फरार हो गये। जसे ही यह सूचना स्थानीय लोगों को मिली क्लीनिक के पास भीड़ जमा हो गई। इसी बीच थानाध्यक्ष सोना प्रसाद लाव लश्कर के साथ क्लीनिक पहुंच गए। किसी तरह उन्होंने मामले को नियंत्रण में कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में मानसी के परिानों ने चौधरी पर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी। मानसी के परिानों ने कंपाउंडर पर आरोप लगाया है कि उसकी मौत गलत दवा और सुई देने से हुई। पुलिस चौधरी को पकड़ने के लिए छापेमारी में जुटी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस क्लीनिक में एक भी डाक्टर नहीं हैं बल्कि कंपाउंडर ही इसे संचालित करता है। साथ ही चौधरी मरीाों का इलाज सैंपल दवाओं से किया करता है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पिपरा निवासी व पटना हाईकोर्ट में कम्प्यूटर के पद पर पदास्थापित ओमप्रकाश यादव अपनी बेटी की तबियत खराब होने के बाद उसे लेकर दोपहर बाद 3 बजे क्लीनिक पहुंचे। उसे ठंड लग गयी थी तथा तेज बुखार से कराह रही थी। कंपाउंडर ने मानसी का इलाज शुरू किया और उसी दौरान उसने गलत सुई व दवा मासूम को दी। थोड़ी देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ने लगी और आखिरकार उसकी मौत हो गई। ओमप्रकाश ने बताया कि मानसी की मौत इसी क्लीनिक में हो गई थी पर उसने मानसी का इलाज दूसरी जगह कराने के लिए कहा। जब ओमप्रकाश मानसी को लेकर दूसरी जगह जा रहे थे इसी बीच चौधरी तथा अन्य क्लीनिक को बंद कर चंपत हो गए।

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