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गुजरात में अधिकारों के लिए बच्चों की अनूठी पहल

गुजरात के बलसाड़ जिले में हाल ही में बच्चों के एक समूह ने जन जागरुकता के प्रसार को लेकर अनूठी पहल की। इस जिले के एक विद्यालय के बच्चों के लगातार बीमार पड़ने की घटना को बच्चों के एक समूह ने गंभीरता से लिया।ड्ढr इस समूह ने पेयजल और विद्यालय में दोपहर को दिए जाने वाले भोजन की जांच की तो पता चला कि ये दोनों ही दूषित हैं। बच्चों ने एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन की सहायता से पेयजल और भोजन में गड़बड़ी के संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य को एक आवेदन दिया। साथ ही एक आवेदन पत्र जल आपूर्ति बोर्ड को भी भेजा। बच्चों के इस समूह ने अपनी बात को केवल इन्हीं दोनों के पास नहीं पहुंचाया बल्कि स्थानीय पंचायत के सदस्यों को भी विद्यालय की समस्याओं से अवगत कराया। बच्चों में जागरुकता के प्रसार को लेकर गुजरात के पांच जिलों मंे अहमदाबाद स्थित एक गैर सरकारी संगठन ‘चेतना’ इन दिनों प्रयास कर रहा है। इसी के प्रयास का एक चेहरा बलसाड़ जिले में दिखाई दिया। यह संगठन बच्चों और महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर काम करता है। ‘चेतना’ बाल अधिकारों को लेकर प्रमुखता से काम करती है। दरअसल काफी कम बच्चे अपने अधिकारों के बारे में सजग होते हैं। उन्हें यह नहीं मालूम होता है कि आखिर उनके अधिकार क्या हैं? चेतना की तरह ही ‘अखंड ज्योति’ नामक एक और गैर सरकारी संगठन भी अहमदाबाद में बच्चों के लिए काम कर रहा है। यह संगठन बच्चों के लिए शैक्षणिक केंद्र चला रहा है, जहां बच्चों को पुस्तकालय की सुविधा भी दी जा रही है।

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