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ऐसे बैकफुट पर आये पारा शिक्षक

0 नवंबर को सीएम के साथ वार्ता के दौरान पारा शिक्षक अपनी मांगों से रत्ती भर झुकने को तैयार नहीं थे, लेकिन दो दिन बाद ही परिस्थितियां एसी बनीं वे सरकार के आगे समर्पण की मुद्रा में आ गये। दरअसल संघ के कतिपय नेताओं के अड़ियल रवैये की वजह से छात्रों, अभिभावकों के बाद ग्राम शिक्षा समितियां और पूरी सरकार हड़तालियों के खिलाफ हो गयी। जनमत उनके खिलाफ बनने लगा। एसे में एक गुट ने रविवार को सरकार के आश्वासन पर हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।ड्ढr ग्राम शिक्षा समितियों ने (वीइसी) हड़ताली पारा शिक्षकों के खिलाफ मोर्चाबंदी शुरू कर दी थी। विभिन्न जिलों के वीइसी प्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की से मिलकर पारा शिक्षकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठायी थी। सीएम से 20 नवंबर की वार्ता की विफलता के बाद सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाने का मूड बना लिया था। शिक्षा मंत्री ने नये सिर से नियुक्ित की प्रक्रिया शुरू करने पर अफसरों के साथ गंभीरता से विचार-विमर्श किया था। कुल मिलाकर परिस्थितियां पारा शिक्षकों के प्रतिकूल बनती गयीं। एसे में उन्हे बैकफुट पर आना पड़ा।ड्ढr बेचैन पारा शिक्षक सरकार से समझौता पत्र लेकर हड़ताल तोड़ने पर राजी हो गये। उन्होंने सचिवालय के अफसरों से लेकर सीएम आवास तक बात पहुंचायी। विधायकों से भी पहल करायी, तब जाकर रात आठ बजे के बाद सीएम मिले। अगले दिन फिर बुलाया। बातचीत में समझौता पत्र देने के आश्वासन पर ही महासचिव विनोद बिहारी महतो मान गये। अंतत: शिक्षा मंत्री के साथ सीएम की मौजूदगी में हुई फाइनल बातचीत में आश्वासन पर ही हड़ताल समाप्ति की घोषणा करनी पड़ी।ड्ढr नेतागिरि चमकाना ही मात्र उद्देश्य: त्रिपाठीड्ढr रांची। झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव योगेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पारा शिक्षक संघ के नेताओं का एकमात्र उद्देश्य नेतागिरि चमकाना है। उन्हें पारा शिक्षकों के हित से कोई लेना-देना नहीं है। अगर यही स्टेप उठाना तो 20 की वार्ता के बाद ही यह कर देना चाहिए था।ड्ढr संघ को अपनी करनी के कारण मुंह की खानी पड़ी है। पारा शिक्षक संघ के नेताओं का यही रवैया रहा तो भविष्य में होनेवाले आंदोलन में साथ नहीं दिया जायेगा। इसके अलावा अन्य संगठनों ने भी विरोध जताया है।ड्ढr कमेटी में तीन पारा शिक्षकड्ढr रांची। सीएम के साथ वार्ता में कमेटी में पांच पारा शिक्षक को रखने पर सहमति बनी थी। लेकिन 23 नवंबर को शिक्षा मंत्री ने अपना स्टैंड साफ करते हुए स्पष्ट कहा कि कमेटी में पांच नहीं तीन पारा शिक्षक को रखा जायेगा। इस पर भी संघ के पदाधिकारी तैयार हो गये। सीएम ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा मंत्री की सहमति के बिना पारा शिक्षकों का कोई काम नहीं होगा।

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