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इंटरनेशनल क्वालिटी जरूरी

बीआइटी मेसरा फूड प्रोसेसिंग डिपार्टमेंट के हेड डॉ एसपी भटनागर ने कहा है कि फूड सेफ्टी के लिए इंटरनेशनल क्वालिटी लानी होगी।ड्ढr झारखंड में फूड प्रोडक्शन की काफी संभावनाएं हैं। प्रोडक्शन 10 से 100 गुणा तक बढ़ सकता है, लेकिन फूड प्रोडक्ट ऑर्डर (एफपीओ) एक्ट की जानकारी के आभाव में क्वालिटी मेंटेन नहीं हो पा रहा है। फूड प्रोडक्शन के लिए रॉ मैटेरियल अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए। वे सोमवार को उद्योग मेला परिसर में सेमिनार में बोल रहे थे।ड्ढr उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के लिए बने कानूनों में परिवर्तन किये जाने की जरूरत है, तभी हम अंतरराष्ट्रीय मानक प्राप्त कर सकते हैं। सीनियर इंस्पेक्िटंग अफसर केएस कुंठिया ने कहा कि फूड प्रोडक्शन के लिए एफपीओ सर्टिफिकेट जरूरी है। फूड प्रोसेसिंग लाइंसेंस के लिए लार्ज स्केल में 1500, स्मॉल स्केल बी के लिए 600, स्मॉल स्केल ए के लिए 400, कॉटेा स्केल के लिए 250 और होम स्केल बी के लिए 100 रुपये का शुल्क जमा करना होगा। पलांडू के डॉ एके सिंह ने कहा कि राज्य में 4.5 और 21.21 लाख टन सब्जी का उत्पादन हो रहा है। अधिक तापमान और फंगी के कारण फूड क्वालिटी प्रभावित होती है। मौके पर माटी एग्रोटेक के एमडी जयंत घोष ने भी विचार रखे। मंच संचालन वीके महेंद्रू ने किया।

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