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स्नातक किए बिना कर सकेंगे परास्नातक!

नातक की पढ़ाई पूरी होने के पहले ही परास्नातक पाठय़क्रमों में दाखिला मिलना संभव हो सकता है। चौंकिए नहीं! विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एक समिति की सिफारिशें अगर मंजूर हो गईं तो जल्द ही ऐसा होने लगेगा।ड्ढr यूजीसी सदस्य प्रोफेसर जेवियर अल्फोंसे ने आयोग को पाश्चात्य शिक्षा पद्धति की तर्ज पर भारत में भी कम्युनिटी कॉलेज स्कीम (सामुदायिक कॉलेज योजना) शुरू करने का सुझाव दिया है। यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर सुखदेव थोराट के मुताबिक- प्रोफेसर अलफोंसे समिति ने सलाह दी है कि सामुदायिक कॉलेज योजना के तहत स्नातक की पढ़ाई कर रहे छात्रों को परास्नातक में दाखिले के पहले एक ‘ब्रिज कोर्स’ पूरा करना होगा।ड्ढr ड्ढr अगर वह इस ब्रिज कोर्स में सफल रहते हैं तो उन्हें कम्युनिटी कॉलेज में संबंधित परास्नातक कार्यक्रम में दाखिला दे दिया जाए। कमेटी ने कहा कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की तर्ज पर देश में भी सामुदायिक कॉलेजों को स्थापित किया जा सकता है। इन कॉलेजों में तीन वर्षीय स्नातक का डिग्री पाठय़क्रम शुरू करने के प्रस्ताव के साथ हर वर्ष के अंत में डिप्लोमा प्रदान करने के प्रावधान की सलाह दी गई है। यानी छात्र अगर एक साल की पढ़ाई के बाद कोर्स छोड़ देता है तो उसे एक वर्षीय डिप्लोमा का प्रमाणपत्र मिल जाएगा। थोराट ने कहा कि समिति की सिफारिशों को आयोग के समक्ष रखा जाएगा और इसके बाद स्वीकृति के लिए इसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि विदेशों में सामुदायिक कॉलेज बहुत लोकप्रिय हैं और ये बड़ी संख्या में छात्रों को आकर्षित करते हैं।

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