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ंमंत्री एनोस-राय पर प्राथमिकी आज

ेआय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी कोर्ट द्वारा ग्रामीण विकास मंत्री एनोस एक्का और नगर विकास मंत्री हरिनारायण राय के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने के मामले में निगरानी विभाग सक्रिय हो उठा है। निगरानी एसपी वीके पांडेय के अनुसार विभाग को कोर्ट का आदेश प्राप्त हो चुका है। आदेश के अनुपालन की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। संचिका भी वरीय पदाधिकारियों की सहमति के लिए बढ़ा दी गयी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 26 नवंबर तक एफआइआर हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में यह भी कहा कि इसमें सरकार से अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है। केवल विभागीय प्रक्रिया का पालन करना है जो 26 नवंबर तक हो जायेगा। इधर अदालत के आदेश के बाद झारखंड में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। विपक्ष ने तत्काल इन मंत्रियों से इस्तीफा मांगा है। सीएम शिबू सोरन का कहना है कि कानून अपना काम करगा।ड्ढr प्रतिपक्ष के नेता अजरुन मुंडा ने मंत्रियों के साथ-साथ शिबू सोरन सरकार से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार इस्तीफा नहीं देती, तो राज्यपाल उसे बर्खास्त करं। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। वहीं झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि सिर्फ दो मंत्री क्यों, 2000 से अब तक सभी मुख्यमंत्री और मंत्रियों की संपत्ति की जांच सीबीआइ से करायी जाये। उन्होंने कहा है कि वह बार-बार सीबीआइ से जांच कराने की मांग करते रहे हैं। उन्होंने कहा है कि मौजूदा प्रकरण में जांच की आंच शिबू सोरन तक जायेगी।ड्ढr पूर्व विधानसभाध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने एनोस एक्का और हरिनारायण राय को यह सलाह दी है कि वे अपनी फाीहत होने से पूर्व पद छोड़ दें। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो शिबू सोरन को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होंने चारा घोटाला में लालू यादव की भूमिका की भी चर्चा की है। उन्होंने कहा है कि यह मामला उससे भी संगीन है। कांग्रेस विधायक दल के नेता मनोज कुमार यादव ने कहा कि समय सीमा के भीतर जांच पूरी की जानी चाहिए। लीपापोती का प्रयास नहीं होना चाहिए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पीएन सिंह ने भी इन मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग की है। उन्होंने कहा है कि भाजपा तो पहले से यह मांग करती रही है। अब जबकि कोर्ट ने आदेश दे दिया है, ऐसे में इन्हें तत्काल हटा देना चाहिए। राजद नेता गौतम सागर राणा ने इन्हें जेल भेजने की मांग की है, वहीं अन्नपृर्णा देवी ने उचित कार्रवाई करने की। जलेश्वर महतो, भुवनेश्वर मेहता और विनोद सिंह ने तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। हाई कोर्ट में सुनवाई आज रांची। मंत्रियों द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर हाइकोर्ट में 26 नवंबर को सुनवाई होगी। इस संबंध में दुर्गा उरांव ने याचिका दायर की है। याचिका में मंत्री हरिनारायण राय, एनोस एक्का, कमलेश सिंह, पूर्व मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, दुलाल भुइयां, भानू प्रताप शाही, बंधु तिर्की पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है।ड्ढr कोर्ट से इन मंत्रियों की संपत्ति एवं भ्रष्टाचार की सीबीआइ एवं आयकर विभाग से जांच कराने एवं प्रीवेंशन टू करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज करने का आग्रह किया गया है।ड्ढr धवन रखेंगे सरकारी पक्ष : याचिका पर सुनवाई के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता को इंगेज किया है। हाइकोर्ट में सरकार का पक्ष वकील राजीव धवन रखेंगे। इसके अलावा सरकार ने पूर्व महाधिवक्ता एसबी गाड़ोदिया के जूनियर सुमीत गाड़ोदिया को मामले में महाधिवक्ता को सहयोग करने के लिए इंगेज किया है। इस संबंध में सरकार ने आदेश भी निकाला है। सुमीत को अपना बिल महाधिवक्ता के माध्यम से भेजने को कहा गया है। राजीव धवन ने 7.50 लाख रुपये फीस ली है। इस मामले में पक्ष रखने के लिए सरकार ने कई सीनियर वकीलों से संपर्क किया था।ड्ढr

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