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11 के पहले लेट नहीं तीन के बाद भेंट नहीं

समय-10:20 बजे। स्थान-मिडिल स्कूल पिर्रा। दो शिक्षक अब तक नहीं पहुंचे हैं। समय-12:20 बजे, मिडिल स्कूल करगे, तीन शिक्षक हाजिरी बनाकर गायब। समय-तीन बजे, कन्या मिडिल स्कूल बंद हो गया था। इससे स्पष्ट है कि सरकारी स्कूलों में दफ्तरों की कार्य संस्कृति हावी होने लगी है। लगभग सभी स्कूलों में यही हाल देखने को मिला। आसपास के लोगों का कहना है कि मास्टर साहब के लिए 11 बजे के पहले लेट नहीं और तीन बजे के बाद भेंट वाली बात चरितार्थ होती है। आपलोग को भेंट करना है, तो 11 बजे से तीन बजे तक आइये। लोगों की बात सुनकर डीएसइ प्रदीप चौबे दंग रह गये। डीएसइ ने संबंधित बीइइओ को भी इसके लिए जिम्मेवार माना। डीएसइ ने कहा है कि अब अगर निरीक्षण में यह हाल देखने को मिला, तो बीइइओ भी कार्रवाई से बच नहीं पायेंगे। उन्होंने बीइइओ को स्कूल का लगातार निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते हैं तो वह इसकी सूचना दें, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।ड्ढr प्रमाण पत्र गुमड्ढr अजित कुमार शर्मा के पुत्र राहुल शर्मा का स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट गुम हो गया है। उन्होंने बताया कि रातू रोड से पंडार जाने के समय कहीं यह प्रमाण पत्र गिर गया। उन्होंने कहा कि जिस किसी को यह प्रमाण पत्र मिले, 0 पर सूचना दे सकते हैं। छात्र 75, शिक्षक छहरांची। प्राइमरी स्कूल हातमा में छात्र 75, जबकि इसे पढ़ाने के लिए छह शिक्षक कार्यरत हैं। इसमें दो सरकारी शिक्षक भी हैं। दो पारा शिक्षक पहले से थे। दो की बहाली हाल में की गयी है। सरकारी नियमानुसार 40 छात्र पर एक शिक्षक का होना जरूरी है। निरीक्षण करने पहुंचे डीएसइ स्थिति देखकर दंग रह गये। उन्होंने दो पारा शिक्षक का हटाने का निर्देश दिया। प्राइमरी स्कूल मांडर मुख्यालय में भी उपस्थित छात्रों की संख्या 62 मिली। यहां एक सरकारी एवं दो पारा शिक्षक हैं। डीएसइ ने दोनों पारा शिक्षक को सात दिन तक स्कूल नहीं आने और आठवें दिन उपस्थिति हर हाल में 80 फीसदी करने का निर्देश दिया गया।

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