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निशंक को निराशा, खंडूरी को सौगात

निशंक को निराशा, खंडूरी को सौगात

उत्तराखंड में गुजरा साल निशंक को निराशा तथा खंडूरी को सौगात दे गया। मिशन 2012 तथा विजन 2020 की कमान संभालने वाले मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को जहां भ्रष्टाचार के आरोपों तथा खराब प्रदर्शन के चलते मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा, वहीं उनके पूर्ववर्ती भुवन चंद्र खंडूरी को राज्य की बागडोर तोहफे में मिली।

पर्वतीय राज्य में उत्तराखंड क्रांति दल साल के शुरुआत में दोफाड़ हो गया। एक की कमान संभाली मंत्री दिवाकर भट्ट ने तथा दूसरे के नेता बने त्रिवेन्द्र सिंह पंवार। राजनैतिक मोर्चे पर राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी ने पूरे वर्ष विकास के मुद्दे को लेकर एक दूसरे पर निशाना साधा।

दिसम्बर महीने में राज्य सरकार ने चार नये जिले बनाने की अधिसूचना जारी कर लोगों को लुभाने की कोशिश की। राज्य में शुरुआती जनवरी महीने की पांच तारीख को ही देहरादून के कुठालगेट के पास नये वर्ष की खुशियां मनाने आये पर्यटकों की बस खाई में गिर गयी जिसमें कुल 22 लोगों की मौत हो गयी।

बीते साल के दौरान हादसों ने इस राज्य का पीछा नहीं छोड़ा। हरिद्वार जिले में नवंबर महीने में गायत्री परिवार के आध्यात्मिक महायज्ञ के दौरान हुई भगदड में 16 व्यक्तियों की मौत तथा 30 के घायल होने से पूरा आयोजन गमगीन हो गया। अक्टूबर में देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में चार तारीख को एक ही परिवार के दस लोगों ने नहर में कूदकर सामूहिक आत्महत्या कर ली।

राज्य में गांधी जयंती के दिन उधमसिंहनगर जिले में साम्प्रदायिक हिंसा में तीन व्यक्तियों की मौत हो गयी। पूरे क्षेत्र में कर्फ्यू लगाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। तीन अक्टूबर को उत्तरकाशी जिले के पुरोला में एक वाहन के खाई में गिरने से सात व्यक्तियों की मौत हो गयी।

राज्य में नये मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के दूसरे दिन 12 सितम्बर को रूड़की के उपजेलर नरेन्द्र सिंह की गोली मारकर हत्या की गयी तथा इसी दिन टिहरी के थत्यूण क्षेत्र में बस के खाई में गिरने से सात व्यक्तियों की मौत हो गयी तथा सात अन्य घायल हो गये। अगस्त महीने की 12 तारीख को टिहरी में ही बादल फटने से एक ही परिवार के पांच व्यक्तियों की मौत हो गयी जबकि उसी दिन भूस्खलन होने से तीन मजदूर जिंदा दफन हो गये।

पूरे देश में अन्ना हजारे के आंदोलन से प्रभावित होकर उत्तराखंड सरकार ने नवंबर महीने में लोकायुक्त विधेयक पारित कराया, जिसमें मुख्यमंत्री को लोकायुक्त के दायरे में रखा गया जबकि अन्ना टीम ने 19 सितम्बर को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विधेयक से संबधित एक दस्तावेज उन्हें सौंपा।

विदेशी काले धन के खिलाफ अनशन करने वाले बाबा रामदेव के निकटतम सहयोगी बालकृष्ण के खिलाफ पासपोर्ट बनवाने में कथित फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र इस्तेमाल करने के आरोप में सीबीआई ने उनके खिलाफ जुलाई महीने में प्राथमिकी दर्ज की। हालांकि हाईकोर्ट ने उनकी संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगा दी जिससे उनको राहत मिली।

जून महीने की 14 तारीख को बाबा रामदेव ने काले धन के खिलाफ शुरू किये गये अपने आमरण अनशन को धार्मिक गुरुओं के हाथ से जूस पीकर समाप्त किया। गंगा को प्रदूषण मुक्त कराने की मांग के साथ आमरण अनशन करने वाले स्वामी निगमानंद की कोमा में जाने से इसी दिन मृत्यु हो गयी, जिसके बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया था। हालांकि इस मामले की सीबीआई ने जांच शुरू की।

जून महीने की 11 तारीख को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने भारतीय सैन्य अकादमी के पासिंग आउट परेड में नव अधिकारियों को देश की सर्वोच्च सुरक्षा का पाठ पढाया। इसी महीने में बाबा रामदेव ने करीब 11 सौ करोड़ रुपये के अपने ट्रस्टों की सम्पत्ति की घोषणा की तथा सशस्त्र क्रांति करने की बात कहकर सनसनी फैला दी।

मुख्यमंत्री के तत्कालीन उर्जा सलाहकार योगेन्द्र प्रसाद को भ्रष्टाचार को आरोपों के चलते मई महीने में गिरफ्तार किया गया, जबकि राज्य में पहली बार शीतकालीन चार धाम यात्रा की शुरुआत मार्च महीने में की गयी।

उत्तराखंड में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आइस स्केटिंग तथा स्नो स्कीइंग प्रतियोगिताओं का सात जनवरी से लेकर 16 जनवरी तक सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें दक्षिण एशियाई देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। राज्य में पुलिस रिपोर्ट के अनुसार बीते वर्ष अपराधों में छह दशमलव तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गुजरे वर्ष 6968 मामले दर्ज किये गये जबकि वर्ष 2010 में यह संख्या 7455 थी।

राज्य सरकार ने 11 फरवरी को गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को राहत देते हुये अटल खाद्यान्न योजना की शुरुआत की जिसके तहत दो रुपये किलोग्राम गेहूं और तीन रुपये किलोग्राम चावल देने का प्रावधान किया गया।

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