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लोकपाल पर कैबिनेट बैठक देर शाम तक टली

लोकपाल पर कैबिनेट बैठक देर शाम तक टली

लोकपाल बिल पर मंगलवार दोपहर 2 बजे प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक देर शाम तक के लिए टाल दी गई है। यह दूसरा मौका है जब बैठक के समय को आगे बढ़ाया गया है। इससे पहले कैबिनेट सचिवालय ने सोमवार रात ही एक बैठक आहूत की थी, लेकिन इसे मंगलवार दोपहर 2 बजे तक के लिए टाल दिया गया था।

कैबिनेट में इस बिल को लेकर इतने मतभेद हैं कि सोमवार तक लोकपाल का अंतिम ड्राफ्ट ही तैयार नहीं हो पाया है। यही वजह है कि सोमवार रात नौ बजे रखी गई कैबिनेट की बैठक को टालना पड़ा। सूत्रों के मुत‍ाबिक सीबीआई और पीएम के मुद्दे को लेकर कैबिनेट के सदस्‍यों के मतभेद खुलकर सामने आ गए। जिसकी वजह से सोमवार को कैबिनेट में बिल पेश नहीं हो सका। अब मंगलवार को सबसे पहले प्रधानमंत्री बिल का ड्राफ्ट देखेंगे उसके बाद दोपहर दो बजे उसे कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा।

कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के मुताबिक, 'बिल का ड्राफ्ट तैयार करने वाले सदस्‍यों का काम खत्‍म हो चुका है। अब पहले प्रधानमंत्री ड्राफ्ट देखेंगे और उसके बाद इसे कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इस बीच कैबिनेट बैठक से पहले अन्ना हजारे लोकपाल बिल पर दबाव बढाए हुए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि सिटीजन चार्टर और सीबीआई को लोकपाल के दायरे में लाए बगैर वो मानने वाले नहीं हैं।

अन्‍ना हजारे ने कहा कि सिटिजन चार्टर, सीबीआई और गुप-सी के कर्मचारियों को लोकपाल के दायरे में लाना ही होगा क्‍योंकि इनके बगैर भ्रष्‍टाचार कम नहीं हो पाएगा। गौरतलब है कि सिर्फ कैबिनेट की मंजूरी मिलने से ही लोकपाल बिल कानून नहीं बन जाएगा। इस बिल को संसद में संवैधानिक प्रक्रिया से गुजरना होगा।

कायदे के मुताबिक कैबिनेट से लोकपाल बिल पर मुहर लगने के बाद सरकार संसद के दोनों सदनों में से किसी भी सदन में बिल पेश कर सकती है। उम्मीद यही है कि केंद्र सरकार इस बिल को लोकसभा में पेश करेगी। लोकसभा में जिस दिन बिल पेश किया जाएगा उसी दिन उस पर बहस भी होगी जिसके लिए आठ घंटे का वक्त पहले से तय है। लोकसभा से पास होने पर बिल को राज्यसभा में भेजा जाएगा और वहां भी अगर बिल पास हो जाता है तो फिर इसे राष्ट्रपति के पास नोटिफिकेशन के लिए भेज दिया जाएगा ताकि बिल कानून का रूप ले सके।

उधर, लोकपाल को लेकर सरकार संसद का शीतकालीन सत्र बढ़ाने पर विचार कर रही है। इससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि अन्ना हजारे 27 दिसंबर से होने वाला अपना अनशन टाल सकते हैं। लोकपाल बिल को लेकर अन्ना हजारे का दबाव रंग लाता दिख रहा है। सरकार ने लोकपाल बिल को संसद में लाने और उसे पास करने की गुंजाइश बढ़ा दी है। इसके लिए संसद के मौजूदा सत्र को आगे बढ़ाने पर भी सरकार विचार कर रही है।

सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वो लोकपाल बिल को संसद के शीतकालीन सत्र में ही पेश करने के अपने वायदे पर कायम है। संसद का मौजूदा सत्र 22 दिसंबर तक ही है, लेकिन सरकार विचार कर रही है कि अगर बिल पर चर्चा के लिए एक दिन और की ही जरुरत हो तो 23 दिसंबर तक सत्र बढ़ा लिया जाए।

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