DA Image
25 फरवरी, 2020|7:57|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सामाजिक मीडिया ने भी दिखाई सक्रियता

मुंबई में आतंकी हमले के दौरान जब वहां कमांडो आतंकियों से निपटने में लगे थे, इंटरनेट पर सामाजिक मीडिया भी पूरी सक्रियता से वहां के समाचार जुटाने और लोगों तक उसे पहुंचाने का काम कर रही थी। सामाजिक मीडिया ने जिस तत्परता से यह सब किया उससे उसकी सकारात्मक भूमिका और विशेष क्षमता उाागर हुई है। आतंकी हमले के बाद जब मुंबई में अफरा तफरी और अनिश्चितता का माहौल था, देश और सारी दुनिया इस हमले का पल पल का समाचार जानने को उत्सुक थी। ऐसे समय में ‘ट्विटर’ौसे सामाजिक मीडिया साइट ने बड़ी तादाद में इससे जुड़े संदेश और सूचनाएं प्रस्तुत की। ब्लॉग की तरह ही सूचनाओं और विचारों के आदान प्रदान के एक साधन के बतौर लोकप्रिय ट्विटर के पूरी दुनिया में साठ लाख से अधिक सदस्य हैं। इसे आम ब्लॉग का माइक्रो रूप कहा जा सकता है। ३६्र३३ी१.ू पर एसएमएस के जरिए करीब 80 संदेश या ‘ट्विट्स’ भेजे गए जिन्होंने आतंकी हमले का आंखों देखा हाल बताने के साथ साथ लोगों को इसघटना की समय-दर-समय की प्रगति से भी अवगत कराया। कई ट्विटर यूजर्स ने रक्तदाताओं को मुंबई के कुछ खास अस्पतालों तक पहुंचने की अपील भी जारी की जहां घायलों की संख्या लगातार बढ़ने के मद्देनजर डाक्टर रक्त की कमी का सामना कर रहे थे। कई ट्विटर यूजर्स ने उन लोगों के लिए हेल्पलाइन और संपर्क नम्बर से संबंधित सूचनाएं जारी की जिनके मित्र-संबंधी इस हमले में घिर हुए थे। ट्विटर यूजर्स ने मृतकों और अस्पताल में भर्ती घायलों की सूची भी बेहद जल्द ऑनलाइन उपलब्ध कराई। इस सक्रियता को रखांकित करते हुए एक ट्विटर यूजर ‘नाओमेईवे’ ने लिखा कि मुंबई आतंकी हमले के साये में उतना नहीं है जितना यह एक सामाजिक मीडिया के व्यावहारिक प्रयोग की जगह। साउथ-इस्ट एशिया की पूर्व क्षेत्रीय संपादक और ग्लोबल वायसेज की कार्यकर्ता नेहा विश्वनाथन ने एक टीवी चैनल को बताया कि मुंबई में आतंकी हमलों का समाचार सुनने से पहले उन्होंने ट्विटर पर इसके बार में काफी कुछ पड़ा देखा।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title: सामाजिक मीडिया ने भी दिखाई सक्रियता