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छठे वेतनमान का मामला वित्त आयोगकी टीम के समक्ष उठाया जाएगा

राज्य में छठे वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने का मामला अब बिहार आ रही तेरहवें वित्त आयोग की टीम के सामने उठेगा। राज्य सरकार ने तय किया है कि वह वित्त आयोग से कहेगी कि इन अनुशंसाओं को लागू करने में राज्य सरकार पर जो अतिरिक्त बोझ पड़ेगा उसका आधा हिस्सा केन्द्र सरकार को देना चाहिए। इसको लेकर राज्य सरकार वित्त आयोग को ज्ञापन भी सौंपेगी। माना जा रहा है कि लोक सभा के चुनाव की घोषणा के पहले सरकार छठे वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने की घोषणा कर देगी। राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी पूछने पर बताया कि सरकार इस मसले को वित्त आयोग के सामने उठाएगी। आयोग की टीम अध्यक्ष डा. विजय केलकर के नेतृत्व में 11 दिसम्बर को बिहार पहुंचेगी और 13 दिसम्बर तक रहेगी।ड्ढr ड्ढr वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार वेतन आयोग की अनुशंसाओं के लागू होने पर होने वाले खर्च का आकलन कर लिया गया है। इसे मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा जा चुका है। पहले यह बताया गया था कि इस वेतन को लागू करने पर एरियर के रूप में राज्य सरकार को सात हाार करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा लेकिन बाद में जब कर्मचारियों की उपलब्ध संख्या के आधार पर आकलन किया गया तो पाया गया कि एरियर के रूप में पांच हाार करोड़ रुपये ही देने होंगे। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी के कारण सालाना दो हाार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ राज्य के खजाने पर पड़ेगा। वित्त विभाग के अधिकारियों का मानना है कि अगर वित्त आयोग राज्य सरकार के तर्को से सहमत हुई तो छठे वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने में बहुत परशानी नहीं होगी।ं

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  • Web Title: छठे वेतनमान का मामला वित्त आयोगकी टीम के समक्ष उठाया जाएगा