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2जी: एस्सार के खिलाफ बुधवार को संज्ञान लेगी अदालत

2जी: एस्सार के खिलाफ बुधवार को संज्ञान लेगी अदालत

2जी मामले में दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई के तीसरे आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के लिये 21 दिसंबर तक अपना आदेश शनिवार को सुरक्षित रख लिया। आरोपपत्र में एस्सार समूह तथा लूप टेलीकाम के प्रवर्तकों तथा कंपनियों को आरोपी बनाया गया है।
  
आरोपपत्र पर सीबीआई की दलील सुनने के बाद सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओ पी सैनी ने कहा कि वह आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बारे में फैसला बुधवार को सुनाएंगे। जांच एजेंसी ने अपनी दलील में एस्सार तथा लूप प्रवर्तकों पर दूरसंचार विभाग के साथ धोखाधड़ी की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
   
सीबीआई ने कहा कि आरोपी व्यक्तियों तथा कंपनियों ने जटिल कारपोरेट ढांचा तैयार किया और एस्सार की लूप टेलिकॉम में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी की बात छुपाकर दूरसंचार विभाग के साथ धोखधड़ी की। विशेष सरकारी अभियोजक यू यू ललित ने कहा कि यूनिफाइड एक्सेस सर्विस लाइसेंस दिशानिर्देश मौजूदा दूरसंचार कंपनियों पर उसी सर्किल में दूसरी दूरसंचार कंपनी में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी पर रोक लगाता है। इसीलिए लूप टेलिकॉम लाइसेंस के लिये योग्य नहीं थी।
  
सीबीआई ने 12 दिसंबर को आरोपपत्र दाखिल किया जिसमें एस्सार समूह के प्रवर्तक अंशुमान तथा रवि रूइया, लूप टेलीकाम की प्रवर्तक किरण खेतान, उनके पति आई पी खेतान तथा एस्सार समूह के निदेशक (रणनीति एवं योजना) विकास सर्राफ को आरोपी बनाया है। इसके अलावा लूप टेलीकाम प्राइवेट लि़, मोबाइल इंडिया लि़ तथा एस्सार टेली होल्डिंग को भी आरोपी बनाया गया है।
   
बहरहाल, एस्सार समूह ने बयान में इन आरोपों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि उसने दूरसंचार लाइसेंस से जुड़ी सभी शर्तों का अनुपालन किया है। कंपनी ने दावा किया है कि सीबीआई ने माना है कि एस्सार 2जी घोटाले में शामिल नहीं है।

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