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अन्ना को उम्मीद, इसी सत्र में पारित होगा लोकपाल विधेयक

अन्ना को उम्मीद, इसी सत्र में पारित होगा लोकपाल विधेयक

अन्ना हजारे ने शनिवार को उम्मीद जतायी कि संसद में एक बार पेश होने के बाद लोकपाल विधेयक पारित हो जाएगा क्योंकि उसे पर्याप्त समर्थन हासिल है लेकिन साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि इसमें देरी होने पर आंदोलन का एक और दौर शुरू होगा।
     
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले समाजसेवी हजारे लोकायुक्त बचाओ अभियान के तहत बेंगलूर में हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने लोकपाल विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश नहीं किया तो अनिश्चितकालीन अनशन निश्चित है। उन्होंने यहां पहुंचने पर कहा कि यदि लोकपाल विधेयक संसद में पारित नहीं हुआ तो 27 दिसम्बर को पूर्वनिर्धारित अनशन शुरू होगा और हम 1 जनवरी से जेल भरो आंदोलन शुरू कर देंगे।
      
उन्होंने यद्यपि यह भी कहा कि यदि संसद ने विधेयक पारित कर दिया तो अभियान की कोई जरुरत नहीं है। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि संसद में एक बार विधेयक पेश होने पर यह इसी शीतकालीन सत्र में पारित हो जाएगा।

हजारे ने कहा कि यदि वे विधेयक संसद में लाये तो हमें अनशन करने की आवश्यकता नहीं, विधेयक संसद में पारित हो जाएगा क्योंकि संसद में बहुमत इसके समर्थन में है लेकिन उन्हें पहले इसे लाना होगा। लोकपाल विधेयक में आरक्षण के मुद्दे पर टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर 74 वर्षीय हजारे ने कहा कि यह निर्णय संसद को करना है।
      
उन्होंने इसके साथ ही कर्नाटक में भ्रष्टाचार के मुद्दों से निपटने के लिए लोकायुक्त की नियुक्ति पर जोर दिया। वह लोकायुक्त नियुक्ति मुद्दे पर जनरैली को संबोधित करने से पहले कई संगठनों के साथ बातचीत करेंगे जो कि भाजपा सरकार और राज्यपाल एच आर भारद्वाज के बीच प्रतिष्ठा का मामला बन गया है।
      
राज्य सरकार इस बात पर जोर दे रही है कि भारद्वाज केरल उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एस आर बन्नुरमत के नाम को अनुमति दें जिसकी सिफारिश उसने की है। भारद्वाज ने पूर्व न्यायाधीश पर लगे कुछ आरोपों के मद्देनजर इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े एवं अन्ना पक्ष के सदस्य भी इस रैली में हिस्सा ले रहे हैं।

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