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मारवाड़ी और रांची कॉलेज बने ऑटोनॉमस

यूजीसी ने रांची यूनिवर्सिटी के तीन कॉलेजों को पांच सत्रों के लिए ऑटोनॉमस का दर्जा प्रदान कर दिया है। रांची कॉलेज एवं मारवाड़ी कॉलेज सत्र 2000 से ऑटोनॉमस हो जायेंगे। इन्हें सत्र 2014-15 तक के लिए मान्यता मिली है। इसके अलावा जमशेपुर वीमेंस कॉलेज को चालू सत्र 2008-0से ही ऑटोनॉमस का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसे 2013-14 तक के लिए मान्यता मिली है। परंतु द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वीमेंस जमशेदपुर ऑटोनॉमस का दर्जा प्राप्त करने में असफल रहा।ड्ढr यूजीसी की निरीक्षण कमेटी ने कॉलेज के प्रस्ताव को खारिा कर दिया है। इससे संबंधित फैक्स यूजीसी ने 28 नवंबर को रांची यूनिवर्सिटी को भेजा है। कॉलेजों द्वारा दिये गये प्रस्ताव के आलोक में यूजीसी की टीम ने अगस्त-सितंबर में जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज एवं ग्रेजुएट वीमेंस कॉलेज जमशेदपुर का निरीक्षण किया था। अक्तूबर में टीम ने रांची कॉलेज और मारवाड़ी कॉलेज का निरीक्षण किया था। इनके ऑटोनॉमस होने से राज्य के जनजातीय और पिछड़े छात्रों को लाभ होगा। ऑटोनॉमस होने के बाद परीक्षा, रिाल्ट, सिलेबस, कोर्स, वोकेशनल कोर्स के शुल्क सहित कई वित्तीय अधिकार कॉलेज के पास होंगे। शिक्षकों एवं प्राचार्यो के ट्रांसफर का अधिकार वीसी के पास रहेगा।ड्ढr एकेडेमिक और फाइनांस कमेटी का गठनड्ढr ऑटोनॉमस कॉलेजों में एकेडेमिक और फाइनांस कमेटी का गठन किया गया। दोनों कमेटियां ही कॉलेज के संचालन में प्रमुख भूमिका निभायेंगी। दोनों कमेटियों में यूजीसी, राज्य सरकार और यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। ऑटोनॉमस होने के बाद कॉलेजों के प्राचार्य के अधिकार बढ़ेंगे और कई महत्वपूर्ण निर्णय वे स्वयं ले सकेंगे। समय-समय पर शिक्षकों की योग्यता आदि की भी जांच होगी और रिसर्च कार्यो को बढ़ावा दिया जायेगा।ड्ढr क्वालिटी एजुकेशन देना लक्ष्य : डॉ आनंदभूषणड्ढr रांची कॉलेज के प्राचार्य डॉ आनंदभूषण का मानना है कि ऑटोनॉमस का लाभ छात्रों को ही मिलेगा। क्वालिटी एजुकेशन देना ही मुख्य लक्ष्य होगा। शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों के साथ सामूहिक प्रयास से सबको बेहतर शिक्षा देना सुनिश्चित करना है।ड्ढr अब बेहतर करने की चुनौती : डॉ जावेदड्ढr मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य डॉ जावेद अहमद का मानना है कि अब बेहतर करने की चुनौती सामने है। शिक्षक और कर्मचारियों के सहयोग से ही सभी वर्ग के छात्रों को बेहतर शिक्षा दी जा सकती है। नये कोर्स से छात्रों को ही लाभ होगा। इससे किसी को कोई नुकसान नहीं है।ड्ढr उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम : वीसीड्ढr रांची यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो एए खान ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह बड़ा कदम है। कॉलेजों के ऑटोनॉमस होने से क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही छात्रों को नये कोर्स मिलेंगे और शिक्षकों की योग्यता की परख भी होगी। उनकी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा कॉलेजों को ऑटोनॉमस का दर्जा मिले। उन्होंने एक कॉलेज को ऑटोनॉमस नहीं मिलने पर अफसोस भी जताया। ं

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  • Web Title: मारवाड़ी और रांची कॉलेज बने ऑटोनॉमस