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कोई रखवाला नहीं है समुद्री सीमाओं का

समुद्री रास्ते से आंतकवादी मुंबई घुस आये। उन्हें रोका क्यों नहीं जा सका? यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि देश की छह हाार किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा का कोई रखवाला नहीं है। यह फ्री फॉर ऑल है। कोई भी आए और जाए, किसी को कोई मतलब नहीं। कम से कम कोस्ट गार्ड को तो इससे मतलब नहीं। समुद्र में कोई जहाज घूम रहा हो, तो उसकी सूचना तट रक्षक के पास नही होती। तटरक्षक डीजी शिपिंग के नियंत्रण में काम करते हैं, जो सुरक्षा कोण से खुफिया सूचनाएं उन्हें नहीं देता। यही वजह है कि कोस्ट गार्ड कराची से आए आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने में कामयाब नहीं रहा।ड्ढr ड्ढr कोस्ट गार्ड के सूत्रों ने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि यह दुखद किन्तु सत्य है कि कोस्ट गार्ड देश की समुद्री सीमाओं को सुरक्षित बनाने में योगदान नहीं दे पा रहा। नाम न छापने की शर्त पर सूत्र ने बताया कि भारतीय समुद्री सीमा में घूम रहे जहाजों के बार में उन्हें कोई जानकारी नहीं होती। न ही यह जानकारी उन्हें मुहैया करवाई जाती है। डीजी शिपिंग जो जानकारी देता है उसका सुरक्षा के लिहाज से कोई महत्व नहीं होता। ऐसे जहाज हमार राडार से गायब रहते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार कोस्ट गार्ड के ‘अलोकेशन आफ बिजनेस रूल्स’ को चेंज कर कोस्ट गार्ड को समुद्री सूचनाओं की नोडल एजेंसी बनाने की मांग की गई लेकिन किसी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पूरी दुनिया में यह नियम है कि कोस्ट गार्ड को सूचित किए बगैर कोई भी जहाज देश की समुद्री सीमा में घुस नहीं सकता। यह आईएमओ (इंटरनेशनल मेरीटाइम आर्गेनाक्षेशन) की आवश्यकता भी है लेकिन इसका पालन भारतीय समुद्र में नहीं होता, जबकि पाकिस्तान जसे देश तक में यह प्रणाली मौजूद है। तटरक्षक की चूक नहीं : मुंबई में समुद्री रास्तेसे हुई घुसपैठ को वह तटरक्षक की चूक नहीं मानते। उन्होंने कहा कि जब सूचना ही नहीं थी तो इस चूक को कोस्ट गार्ड पर कैसे मढ़ा जा सकता है। कोस्ट गार्ड को यह भी पता नहीं होता कि जो जहाज उनकी ओर आ रहा है उसमें कितने क्रू मेंबर हैं, क्या कार्गो लदा है और वह कहां से आ रहा है।

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