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अन्ना को भरोसा, संसद पारित करेगी लोकपाल विधेयक

अन्ना को भरोसा, संसद पारित करेगी लोकपाल विधेयक

लोकपाल के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच सर्वदलीय बैठक में भले ही आमसहमति नहीं बन पायी है, लेकिन अन्ना हजारे ने गुरुवार को कहा कि उनका विश्वास है कि संसद विधेयक को पारित कर देगी, क्योंकि सरकार में शामिल सभी लोगों ने उनकी टीम को इस बात का भरोसा दिया है।

हजारे ने यद्यपि कहा कि यदि विधेयक पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय ऩन हो तो लोकपाल विधेयक को पारित करने के लिए संसद के शीतकालीन सत्र को बढ़ाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अन्ना पक्ष की कोर कमेटी की बैठक के दूसरे दिन की बैठक शुरू होने से पहले कहा कि सर्वदलीय बैठक में नहीं तो संसद में आम सहमति बनेगी। वहां पर सभी सांसद मौजूद होंगे, यह वहां पर पारित हो जाएगा। कल लोगों ने अच्छे बिंदु आगे रखे, कुछ ने कमियां इंगित की।

उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल सभी दल हमें यह भरोसा दे रहे हैं कि हमें लोकपाल विधेयक मिलेगा। इसलिए, हमें उनमें भरोसा होना चाहिए। लेकिन यदि वे लोकपाल नहीं लाये तो हमें आंदोलन करना होगा।

हजारे ने यह बात लोकपाल के मुद्दे पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर कोई आमसहमति नहीं बनने और संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र के दौरान विधेयक के पारित नहीं होने की आशंका के बारे में पूछे गए प्रश्नों के जवाब में कहीं।

उन्होंने साथ ही लोकपाल विधेयक पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं होने की स्थिति में विधेयक को पारित करने के लिए संसद के शीतकालीन सत्र को विस्तारित करने की अपनी मांग भी दोहरायी।

उन्होंने कहा कि यह देश के लिए महत्वपूर्ण है। इससे पहले भी कई ऐसे मौके आये हैं जब संसद सत्र को विस्तारित किया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मौसम के मद्देनजर आंदोलन स्थल को मुम्बई स्थानांतरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि मौसम ठीक रहा तो वह दिल्ली में होगा।

सर्वदलीय बैठक पर प्रश्नों के जवाब में अन्ना पक्ष की सदस्य किरन बेदी ने कहा कि सीबीआई की स्वायत्तता के मुददे पर सभी पार्टियां एकमत हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा सीबीआई की स्वायत्तता का है। सपा, बसपा, वामदल और भाजपा इसकी स्वयत्तता की मांग कर रहे हैं। मेरा मानना है कि अब कांग्रेस का इस मुद्दे पर रुख जानने का समय आ गया है।

यह पूछे जाने पर कि कुछ नेताओं ने विधेयक को पारित करने में जल्दबाजी के खिलाफ सरकार को चेतावनी दी है, किरन ने कहा कि ये कौन पार्टियां हैं निश्चित रूप से भाजपा नहीं हो सकती, क्योंकि सुषमा स्वराज ने टि्वटर पर कहा है कि वे यह विधेयक इसी सत्र में चाहते हैं। क्या ये नेता हैं जिन्हें समझा बुझा लिया गया है या यह वे अलग थलग हैं।

उन्होंने कहा कि जिस दिन लोग सीबीआई पर विश्वास करना शुरू कर देंगे, उसी दिन सुशासन आ जाएगा।      उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल सीबीआई की स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं और यह स्वीकार कर रहे हैं कि इसका दुरुपयोग किया गया है, हमें लोकपाल इसी कारण से चाहिए। सीबीआई भ्रष्टाचार की कब्रगाह है, यह बाहर निकलने का इंतजार कर रही है। इसी वजह से इस जब तक संभव हो संरक्षित रखने के उग्र प्रयास हुए हैं।

केजरीवाल ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि सर्वदलीय बैठक में कोई सर्वसम्मत्ति नहीं बन पायी। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर सर्वसम्मत्ति बनी है। कुछ बिंदु हो सकते हैं जिनपर सहमति न न बन पायी हो।

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  • Web Title:जरूरत पड़े तो सरकार बढ़ाएं संसदीय सत्र की अवधि: अन्ना