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व्रत और त्योहार

संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत। ब्रह्मवर्त (बिठुर) में सिद्ध दक्षिण गोल। सूर्य दक्षिणायन। सूर्य दक्षिण गोल। हेमंत ऋतु। मध्याह्न् 12 बजे से दोपहर 1:30 मिनट तक राहुकालम्।

14 दिसंबर, बुधवार, 23 अग्रहायण (सौर) शक 1933, अग्रहायण मास 30 प्रविष्टे 2068, 18 मुहर्रम हिजरी सन् 1433, पौष पास कृष्ण चतुर्थी रात्रि 10: 12 मिनट तक पंचमी, पुण्य नक्षत्र रात्रि 10:52 मिनट तक तदनंतर आश्लेषा नक्षत्र, इंद्र योग रात्रि 1:40 मिनट तक पश्चात् वैधृति योग, बव करण, चंद्रमा कर्क राशि में (दिन-रात)। 

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