DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बंदरगाहों और तटों की सुरक्षा पर चेती सरकार

मुंबई हमले के बाद अब केंद्र सरकार ने देश के तटीय क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर प्रयास तेज कर दिए हैं। गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने शनिवार को नेवी, कोस्ट गार्ड और गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और और सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री टीआर बालू भी इन अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दे चुके हैं। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एम. एल. कुमावत ने बताया कि नेवी, कोस्ट गार्ड और राज्य पुलिस बल के बीच परस्पर समन्वय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। तीन एजेंसियां तटीय क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को मजबूत करंगी। भारत का तटीय क्षेत्र करीब 7500 किलोमीटर लंबा है। इसमें 12 बड़े और 180 छोटे बंदरगाह पड़ते हैं। इसलिए भी यह ज्यादा संवेदनशील हिस्सा है। उन्होंने बताया कि एक अहम फैसला यह हुआ कि शिपिंग नौकाओं को अब पुलिस में भी पंजीकरण कराना होगा। अभी तक यह सिर्फ पोर्ट अथॉरिटी के पास ही पंजीकृत होती थी जिस कारण पुलिस इनकी पड़ताल नहीं कर पाती थी। अब पुलिस में इन्हें पंजीकृत किए बगैर समुद्र में ले जाना संभव नहीं होगा। उधर, जहाजरानी मंत्री टीआर बालू ने जहाजरानी महानिदेशालय को बंदरगाहों की सुरक्षा चौकस करने को कहा है। उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने महकमे को निर्देश दिए कि बंदरगाहों की सुरक्षा कड़ी बनाने के लिए वह सीआईएसएफ से अतिरिक्त जवान मांगे। सभी बड़े पोतों पर दो पेट्रोलिंग वोट के इंतजाम किए जाएं। इसके अलावा बंदरगाहों के निकट मैरीन कमांडो यूनिट स्थापित की जाए। हर पोर्ट पर सीआईएसएफ को एक बम स्क्वॉड और एक डॉग स्क्वॉड दस्ते भेजने के लिए भी लिखा जा रहा है। सभी पोटरे पर सीसीटीवी कैमर और अन्य जरूरी उपकरण भी लगाए जाएंगे। बालू ने कहा कि कोस्ट गार्ड को अधिकार दिए जाएं कि वह भारतीय सीमा में दिखने वाले किसी भी संदिग्ध व्यापारिक जहाज की जांच कर सके। उन्होंने कहा कि केंद्र कस्टम अधिकारियों को भी ऐसे मामले में सतर्कता बरतने के निर्देश दे। सभी पोटरे में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम भी लगाने का फैसला हुआ है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बंदरगाहों और तटों की सुरक्षा पर चेती सरकार