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प्रधानमंत्री ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

मुम्बई में आतंकवादी हमलों के मद्देनजर आतंकवाद के विरुद्ध आम राय बनाने की गरा से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को यहां सर्वदलीय आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में मुंबई के आतंकवादी हमलों में अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र के मद्देनजर देश में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के साथ ही आतंकवाद की चुनौती से निबटने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रधानमंत्री अपनी कार्य योजना का खाका पेश करने के साथ आतंकवाद की चुनौती का सामना करने के लिए एक संघीय एजेंसी के गठन की योजना पर भी बात कर सकते हैं। संसद का एक दिन का आपात सत्र बुलाने की बात भी हो रही है। सूत्रों के अनुसार यह बैठक सात रस कोर्स रोड पर स्थित प्रधानमंत्री निवास पर होगी। गौरतलब है कि मुम्बई में आतंकवादी हमलों के पीछे अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र और उसमें पाकिस्तानी तत्वों के साथ ही विदेश में रह रहे स्थानीय माफिया सरगना के भी शामिल होने के संकेत मिले हैं। भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के दावेदार लालकृष्ण आडवाणी और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी देश में बढ़ रही आतंकवादी घटनाओं से निबटने के तरीकों पर विचार के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। यूपीए सूत्रों के अनुसार इस बैठक में आतंकवाद के खिलाफ एकाुटता के क्षहार के क्रम में भाजपा नेता श्री आडवाणी और श्री मोदी की मुंबई यात्रा और मौके पर उनके बयानों पर सवाल उठ सकते हैं। कांग्रेस ने उन पर आतंकवाद के मामले में भी ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार अगर प्रधानमंत्री के आग्रह को मान कर श्री आडवाणी भी उनके साथ मुंबई गए होते तो तस्वीर कुछ और उभरती। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकवादी हमले के समय अगस्त 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी गई थीं। लेकिन श्री आडवाणी इस तरह की सदाशयता नहीं दिखा सके। वह इंडियन एयरलाइंस के अपहृत विमान के बंधकों की रिहाई के लिए आतंकवादियों को थाली में सजाकर कंधार ले जाने वाले पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के साथ गए। उनके अनुसार जिस तरह से कमांडो दस्तों के आपरशन के बीच श्री मोदी ने मौके पर जाकर मार गए पुलिस-सुरक्षा बलों के लोगों को एक करोड़ रु. देने की घोषणा के साथ ही प्रधानमंत्री के राष्ट्र नाम संबोधन को कमजोर करार दिया उसे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए घटिया प्रयास ही कहा जा सकता है। उधर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल अपनी विदेश यात्रा जल्दी खत्म कर एक दिसम्बर को दिल्ली पहुंच जाएंगी। दो दिसम्बर को वह मुंबई का दौरा करंगी। राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के अनुसार पाटिल ने मुंबई पर हमले के बाद अपनी इंडोनेशिया की यात्रा पांच दिन की बजाय दो दिन में ही पूरी करने का फैसला किया है। पाटिल विगत 24 नवम्बर को 10 दिन की यात्रा पर दक्षिण पूर्व एशियाई देशों की यात्रा पर निकली थीं। वियतनाम की यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार को वह इंडोनेशिया पहुंची। पूर्व कार्यक्रम के तहत उन्हें पांच दिन इंडोनेशिया में रहना था। लेकिन अब वह सोमवार को वापस लौट आएंगी। मंगलवार को वह मुंबई जाकर हमले में घायलों से मिलेंगी तथा घटनास्थलों का दौरा करंगी। बुधवार को पाटिल दिल्ली लौटेंगी।

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