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पशु-पक्षी भी देखते हैं सपने

मनोविज्ञान के अनुसार, स्वप्न अवचेतन मन की उपज होते हैं। मनोवेत्ता सिग्मंड फ्रायड ने स्वप्नों को महत्वपूर्ण मानसिक क्रियाएं माना है। स्वप्न में मन एवं मस्तिष्क की इंद्रियातीत शक्ति दिक् और काल की सीमा को पार कर जाती है। व्यक्ति की दमित इच्छाएं भी स्वप्न के माध्यम से पूरी होती हैं।

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के डॉ. श्नाइडर ने अपनी प्रयोगशाला में बिल्लियों, कुत्तों, चूहों व बंदरों पर इससे मिलते-जुलते प्रयोग किए हैं। उन्हें ज्ञात हुआ है कि स्वप्न लेते हुए पशुओं के चेहरे पर हलचल उसी अनुसार होती है। कोई भयावह सपना देखते समय उनके मुंह पर सिहरन दौड़ जाती है या सुखद स्वप्न देखकर बिल्ली की मुखाकृति पुलकित हो उठती है।

दृष्टिहीन व्यक्ति भी स्वप्न देखते हैं। अंतर्दृष्टि ही उनके सपनों का माध्यम होती है। वे भी वस्तुओं को साकार रूप में देखते हैं। सपनों के विज्ञान को परामनोविज्ञान कहा जाता है।

श्वास प्रक्रिया से बनेगी बिजली
अमेरिका की विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी के इंजीनियरों ने दावा किया है कि मानव देह की श्वास तंत्र प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न की जा सकती है। यह सत्य है कि मानव शरीर में जैविक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह चलता रहता है। इंजीनियरों ने विशेष प्रकार के विद्युत सेंसर नाक में लगाए, जिन्होंने श्वास लेने की गतिज ऊर्जा
से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न की।

इस तकनीक के बारे में अमेरिकी विज्ञान पत्रिका ‘एनर्जी एंड एन्वायरन्मेंट’ में सविस्तार रपट छपी है। वैज्ञानिकों ने ऐसी ‘माइक्रोबेल्ट’ भी बनाई हैं, जो हल्की वायु के कंपन से ऊर्जा का उत्पादन करती है।

इस तकनीक से शरीर का रक्तचाप, नाड़ी की गति, ब्लड शुगर आदि भी मापा जा सकेगा। यह तकनीक ‘माइक्रोवॉट’ इकाई में बिजली उत्पन्न करेगी। चिकित्सा विज्ञान में यह तकनीक नई क्रांति लाएगी, ऐसी आशा व्यक्त की जा रही है।
डॉ. श्याम मनोहर व्यास

अब बनेंगे सिकुड़ते जहाज
लाजवंती या छुईमुई का पौधा, जिसकी पत्तियां छू लेने भर से सिकुड़ जाती हैं, अब विमान निर्माण में मददगार होगा। विमानन से जुड़े वैज्ञानिकों ने पौधे में कार्य करते विशिष्ट ‘हाइड्रोलिक सिस्टम’ यानी जल आधारित पद्धति को समझा है और सिकुड़ने की हकीकत जानी है।

यूनिवर्सिटी ऑफ कोरिया के मैकेनिकल इंजीनियर कोन-वेल वांग के शोध पत्र के अनुसार, माइमोसा यानी छुईमुई के पौधे ने स्वत: सिकुड़ती मशीनरी के निर्माण की प्रेरणा दी है। इसका प्रयोग हवाई जहाज के बाहरी अंगों को तैयार करने में किया जा सकता है। शोधकर्ता ने अपनी प्रयोगशाला में इस प्रकार के निर्माण की दिशा में कार्य करना प्रारंभ भी कर दिया है।
कु.श.

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