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हजारे का राहुल पर निशाना, बोले PM बनना आसान नहीं

हजारे का राहुल पर निशाना, बोले PM बनना आसान नहीं

सशक्त लोकपाल की मांग को लेकर एक दिन के अनशन पर बैठे अन्ना हजारे ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर फिर से हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए राहुल को बहुत कुछ करना होगा और एक दिन झोपड़ी में रहना पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने प्रधानमंत्री को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि वह फैसले करने में सक्षम नहीं हैं और कोई उनकी नहीं सुनता। वह प्रधानमंत्री हैं, लेकिन तीन चार अन्य लोग भी अपने को प्रधानमंत्री मानते हैं।

जंतर मंतर पर आयोजित अनशन के दौरान हजारे ने कहा कि राहुल गांधी से मेरा कोई झगड़ा नहीं है। अगर वह प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं तो उन्हें इसके लिए बहुत कुछ करना होगा। एक दिन झोपड़ी में रहना ही काफी नहीं है।

संसद की स्थायी समिति पर राहुल की ओर से दबाव बनाने संबंधी आरोप लगाने के बाद हजारे ने फिर कांग्रेस महासचिव का नाम लिए बिना यह बात दोहराई। उन्होंने कहा कि लोकपाल में जनता की मांगें शामिल नहीं की गई, जबकि इसके लिए पूरी संसद ने रजामंदी दी थी। ऐसे में सवाल है कि किसके दबाव में फैसला किया गया, इसका मतलब यही है कि एक ही व्यक्ति है, जो सरकार पर दबाव बना सकता है।

हजारे ने इसी साल अगस्त में अपनी गिरफ्तारी का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाबा रामेदव के आंदोलन की तरह यह सरकार इस आंदोलन को कुचलना चाहती थी। मुझे गिरफ्तार किया गया, ताकि रामदेव की तरह विमान से मुझे भी दिल्ली से बाहर भेज दिया जाए। यह सब किसने किया चिदंबरम ने यह किया। अगर हमारा गृह मंत्री ऐसा होगा तो देश कहां जाएगा

हजारे ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने मुझे पत्र लिखा है कि वह पंचायतों को शक्तियां देने को तैयार हैं। लेकिन क्या वह ऐसा करने में सक्षम होंगे। उन्हें चुप बैठे रहना है वर्ना उनके कान काट दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री हैं, लेकिन तीन चार अन्य लोग भी अपने को प्रधानमंत्री मानते हैं। वह फैसले करने में सक्षम नहीं हैं और कोई उनकी नहीं सुनता है। गांधीवादी नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आपराधिक रिकार्ड वाले 150 सांसदों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तब देश प्रगति कैसे करेगा। वह प्रधानमंत्री बन गए, लेकिन फैसले कौन करेगा। वह निर्णय नहीं करते। इसीलिए हम वापस बुलाने के अधिकार की मांग कर रहे हैं। हम उम्मीदवार को अस्वीकार करने और अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाए जाने के अधिकार की मांग कर रहे हैं।

धरना स्थल पर उपस्थित युवाओं से उन्होंने आहवान किया कि देश में परिवर्तन लाने के लिए वे जेल जाने को तैयार रहें। हजारे ने सभी राजनीतिक दलों से उनके अभियान में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आप हमारे साथ जुड़ सकते हैं। आप हमारे साथ सड़कों पर उतरिए और फिर देखिए कि सरकार कैसे नहीं मानती है। हम ऐलान करेंगे कि जरूरत पड़ने पर देश की कोई जेल खाली नहीं रहनी चाहिए।

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  • Web Title:राहुल गांधी और चिदंबरम पर साधा निशाना