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विशेष राज्य की मांग नीतीश की नौटंकी, पासवान ने कहा

लोक जनशक्ित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली पार्टी को ही समर्थन देने संबंधी बयान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नौटंकी करार दिया है। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री के समर्थन में कांग्रस के बयान पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकारकर दिया। वोटों की गिनती से ठीक पहले शनिवार को पटना पहुंचे श्री पासवान से संवाददाताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के विषय में पूछा तो वह बोले, विशेष पैकेज की नीतीश कुमार ही जानें और उनका काम जाने। विशेष पैकेज और विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की बात करके कुछ लोग अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। यह सब महज नौटंकी है। उन्होंने कहा कि 17 मई को राजद, सपा और लोजपा के शीर्ष नेताओं की बैठक होगी, जिसमें चौर्थे मोर्चे की अगली रणनीति तय की जायेगी। कांग्रस पार्टी द्वारा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के एलान पर श्री पासवान ने कहा कि मैं कांग्रस का प्रवक्ता नहीं हूं जो उन लोगों की बातों पर स्थिति साफ करूं। एनडीए ही बना सकता है विशेष राज्य: मोदीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा एनडीए सरकार ही दे सकती है। उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वह इस मुद्दे पर बिहार को कई बार छल चुकी है। कई बार आश्वासन दिया गया और फिर कांग्रस उसे बड़े आराम से भूल गई। उन्होंने कहा कि एनडीए की पिछली सरकार में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बिहार को कई क्षेत्रों में विशेष सहायता दी थी। उन्होंने दावा किया कि लालकृष्ण आडवाणी के प्रधानमंत्री बनने के बाद बिहार को विशेष राज्य का दर्जा अवश्य मिलेगा। श्री मोदी ने कहा कि मई 2004 में पेश यूपीए सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम के पृष्ठ 14 पर बिहार को विशेष पैकेज की घोषणा की गई। यूपीए सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया और वह घोषणा अधूरी रह गई। जो सरकार अपने कार्यक्रम को पूरा नहीं कर सकती, वह बिहार के प्रति कितना समर्पित है इसकी सहज कल्पना की जा सकती है।ड्ढr 3यही नहीं वर्ष 1में राजीव गांधी ने बिहार को विशेष पैकेज देने की घोषणा की और फिर वर्ष 1में झारखंड बंटने के ठीक पहले बिहार को विशेष पैकेज देने की घोषणा की गई। दोनों घोषणाओं के पूरा होने की बिहार प्रतीक्षा ही करता रह गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर पिछले तीन वर्षो से समय मांग रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कांग्रस की प्राथमिक सूची में बिहार कभी नहीं रहा है, सिर्फ अपने काम के वक्त कांग्रस को बिहार की याद आती है। ड्ढr बिजली ने भी जस्टीफाई कर दी हमारी मांग: नीतीशड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। अपने द्वारा प्रस्तावित मोनोग्राफ के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चर्चित अर्थशास्त्री लॉर्ड मेघनाथ देसाई के बगल में बैठ ही रहे थे कि बिजली कट गई। मुख्यमंत्री ने श्री देसाई से कहा, देखिये, बिजली ने भी हमारी मांग को जस्टीफाई कर दी। यह शहर का सबसे बड़ा होटल है, फिर भी बिजली कटती है। मात्र यही नहीं मुख्यमंत्री आवास में भी जब विशेष बैठकें होती हैं तो बिजली जरूर कट जाती है। बाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर देश में प्रति व्यक्ित बिजली की खपत 612 यूनिट है और बिहार में मात्र 72 यूनिट है। जिस दिन उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी उस दिन बिहार में बिजली का उत्पादन शून्य था। अब कांटी और बरौनी में उत्पादन की प्रक्रिया चल रही है। कई निजी कंपनियां भी इस क्षेत्र में उत्पादन के लिए आ रही हैं। दिक्कत यह है कि यहां पानी तो मिल जाता है, लेकिन कोयला नहीं मिल पाता है। 11वीं पंचवर्षीय योजना में बिहार को कोयला देने के लिए कोई प्रावधान नहीं था और 12वीं योजना में भी इसकी संभावना दिखाई नहीं पड़ रही है।ं

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