DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

‘नो कंप्रोमाइचा’ की नीति अमल में आई!

मुंबई में आतंकवादियों को मार गिराने में समझौता न करने की जिस नीति का अनुसरण किया गया, उससे दूर-दूर तक कड़ा संदेश गया है। यह संदेश आतंकवादियों के आकाओं के मंसूबों को तोड़ने और उनके दिमागी बल को कमजोर करने में मदद करगा। साठ घंटे चले आपरेशन में यह बात स्पष्ट होकर उभरी है कि भारत में आतंकवाद के मसले पर ‘नो कंप्रोमाक्ष‘ की अदृश्य नीति पर अमल होने लगा है। मुंबई में ताज होटल, ओबराय होटल और नारीमन हाउस में लोगों को बंधक बनाने वाले आतंकियों ने समझौते की पेशकश की थी। नारीमन हाउस से उन्होंेने सफेद तौलिया तक लहराया लेकिन एनएसजी ने उस ओर ध्यान दिया नहीं दिया।ड्ढr ड्ढr आतंकियों की ओर से एक टीवी चैनल को फोन तक किया गया। लेकिन महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक एएन राय ने स्पष्ट कर दिया था कि आतंकियों से समझौता नहीं होगा। यह उन्होंने तब कहा जब एटीएस चीफ हेमंत करकर, अशोक काम्टे और सालस्कर जसे अधिकारियों समेत 12 पुलिसकर्मी आतंवादियों का निशाना बन चुके थे। सुरक्षा मसलों से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि भारत में बंधक स्थिति से निपटने के लिए कोई लिखित नीति नहीं है, जसा कि वायुयान हाक्षैक के केस में है। वायुयान हाक्षैक नीति भी बहुत कड़ी नहीं है, लेकिन फिर भी इसे संतोषजनक कहा जा सकता है।ड्ढr आपरशन में बंधकों के मार जाने की इजरायली आलोचना के संदर्भ में अधिकारी ने कहा कि यह तो होगा ही। रूस में बेसलान स्कूल बंधक कांड में हुए आपरशन में सौ ज्यादा बच्चे मार गए थे। लेकिन कठोर संदेश देने के लिए रूस ने यह जरूरी समझा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ‘नो कंप्रोमाइचा’ की नीति अमल में आई!