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जरदारी के इस्तीफे की अटकलें, डॉक्टरों ने किया खारिज

जरदारी के इस्तीफे की अटकलें, डॉक्टरों ने किया खारिज

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी अपने खराब स्वास्थ्य के चलते पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अमेरिका की एक पत्रिका ने इस बात का खुलासा किया है।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को दिल का मामूली दौरा पड़ा है और अमेरिका सरकार में कुछ लोगों का मानना है कि वह स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ सकते हैं। यह जानकारी एक मीडिया रपट में सामने आई है।

पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी, एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) द्वारा जारी रपट के अनुसार, जरदारी मंगलवार शाम अपने बच्चों से मिलने और कुछ चिकित्सकीय जांच के लिए दुबई रवाना हो गए।

यद्यपि राष्ट्रपति के निजी चिकित्सक कर्नल सलमान ने कहा है कि प्रस्तावित चिकित्सकीय जांच नियमित प्रकृति की है और पूर्व में सामने आईं हृदय संबंधी समस्याओं से ही जुड़ी हुई हैं, लेकिन 'फॉरेन पॉलिसी' पत्रिका ने एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा है कि अमेरिका सरकार के कुछ लोगों को सूचित किया गया है कि जरदारी को सोमवार रात दिल का मामूली दौरा पड़ा था, और वह एक एयर एम्बुलेंस में सवार होकर दुबई चले गए।

मीडिया रपट में कहा गया है कि बुधवार को जरदारी की एंजियोप्लास्टी हो सकती है और वह खराब स्वास्थ्य के कारण पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं। अमेरिका सरकार के पूर्व अधिकारी ने कहा है कि जब राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जरदारी से 26 नवम्बर के उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के हमले के सम्बंध में बात की थी, तो उस समय भी जरदारी थोड़े अस्वस्थ थे। नाटो के हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे।

जरदारी ने अमेरिका भेजे गए गुप्त संदेश को लेकर पैदा हुए विवाद पर पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र को सम्बोधित करने की योजना बनाई थी। संदेश में कहा गया था कि अमेरिकी कमांडो कार्रवाई में अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को दो मई को मारे जाने के बाद जरदारी को सैन्य तख्ता पलट की आशंका थी।

जरदारी, इस संदेश के खुलासे के बाद से भारी दबाव में हैं। पूर्व अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि फंदा कसता जा रहा था-निकट भविष्य में ऐसा होना तय है। पत्रिका ने लिखा है कि पूर्व अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका सरकार में यह कयास जोर पकड़ रहे हैं कि जरदारी पद छोड़ सकते हैं।

खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए अटलांटिक सेंटर की साउथ एशिया कौंसिल के निदेशक शुजा नवाज ने कहा कि यह घरेलू बदलाव का विकल्प है जिसके बारे में चर्चा की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, नवाज ने कहा कि इस योजना के तहत जरदारी अपने पद से हटेंगे और उनकी ही पार्टी का कोई अन्य व्यक्ति उनकी जगह लेगा जिससे जनता की सरकार के बने रहने का भ्रम बना रहेगा जबकि जरदारी को हटाने की सेना की तमन्ना पूरी हो जाएगी।
    
नवाज ने कहा कि दुर्भाग्य से इसका मतलब यह हुआ कि बदलाव के लिए एक बार फिर सेना अपने प्रभाव का प्रयोग करेगी। उन्होंने द केबल को कहा कि अब अगर वे दूरी बना कर रखते हैं और पार्टी को अपना कामकाज करने देते हैं तो चीजें बेहतर हो सकती हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह शांत तख्तापलट होगा, जिसमें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी मुखौटा रहेंगे।

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