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देवानंद की मृत्यु को मीडिया ने दी ज्यादा तवज्जो: काटजू

देवानंद की मृत्यु को मीडिया ने दी ज्यादा तवज्जो: काटजू

पिछले दिनों मीडिया के रवैये पर तीखा प्रहार करने वाले प्रेस काउंसिल के चेयरमैन जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने मंगलवार को मीडिया पर फिर हमला बोला। काटजू का कहना है कि मीडिया द्वारा ऐक्टर देवानंद की मौत की खबर को जरूरत से ज्यादा तवज्जो दी गई।

उन्होंने कहा कि एक ऐसे समय में जब देश में किसान आत्महत्या कर रहे हों, वहां एक ऐक्टर देवानंद की मौत को अखबारों के पहले पन्ने पर देना प्राथमिकता तय करने की समझ का अभाव है। उन्होंने कहा कि जब देश में कई सामाजिक और आर्थिक मुद्दे ऐसे हैं जिन पर संज्ञान लिया जाना चाहिए, वहां देवानंद की मृत्यु पर मीडिया का रवैया यह दर्शाता है कि पत्रकारों के पास प्राथमिकताएं तय करने की समझ ही नहीं रह गई है।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज काटजू ने कहा कि जवानी में मैंने भी उनकी फिल्में देखी हैं और उन्हें पसंद किया है। काटजू ने कहा कि पिछले पचास सालों में देश में ढाई लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। लेकिन पी. साईंनाथ जैसे पत्रकारों और कुछ अपवादों को छोड़ दें तो पूरी मीडिया इन इश्यूज को इग्नोर किए हुए है।

काटजू ने पूछा कि देश कई सामाजिक और आर्थिक समस्याएं झेल रहा है। गरीबी है, बढ़ती कीमते हैं और किसानों की आत्महत्या जैसी घटनाएं हैं। क्या यह सब अपेक्षाकृत ज्यादा जरूरी नहीं है ? उन्होंने कहा कि जनता की मीडिया से बड़ी उम्मीदे हैं और अब मीडिया को अपने रोल को लेकर जाग जाना चाहिए और खुद में सुधार करना चाहिए।

काटजू ने बताया कि उन्होंने प्रेस काउंसिल के मेंबर्स को जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला के सुझाव के बारे में लिखा है जिसके तहत विरोध और प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों के लिए गाइडलाइन बनाने की बात कही गई थी। काटजू ने इस सुझाव पर काउंसिल सदस्यों से सलाह मांगी है। इसके आधार पर फैसला लिया जाएगा कि इस संबंध में गाइडलाइन बनाई जाएं या नहीं। कुछ पत्रकारों ने शिकायत की थी कि विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पुलिस उन्हें खदेड़ देती है।

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