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FDI पर टला फैसला, संसद में शुरू हुआ कामकाज

FDI पर टला फैसला, संसद में शुरू हुआ कामकाज

खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के केन्द्र के फैसले से संसद में बने गतिरोध को तोड़ते हुए सरकार ने सर्वानुमति बनने तक अपने इस विवादास्पद निर्णय को ठंडे बस्ते में डालने की बुधवार को घोषणा की। इस निर्णय का विरोध कर रहे विपक्ष और संप्रग के कुछ घटक दलों ने सरकार के इस रूख को स्वीकार कर लिया है।
   
लोकसभा में सदन के नेता और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इस मसले के हल के लिए बुधवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा कि सरकार संसद में एक प्रस्ताव पेश करेगी जिसमें कहा जाएगा कि मल्टी ब्रांड खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के फैसले को विभिन्न पक्षों के बीच सलाह मशिवरे से सर्वानुमति बनने तक स्थगित रखा जाएगा।

सरकार की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि एफडीआई के मसले पर कोई भी फैसला लेने से पहले सरकार सभी पक्षों से बात करेगी। सरकार ने यह कदम इस मसले पर अपने कुछ सहयोगियों और विपक्ष से कई दिनों तक चली बातचीत के बाद उठाया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि आम सहमति बनने तक विदेशी निवेश का फैसला स्थगित किया जाएगा।

विपक्ष ने सरकार के खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश संबंधी फैसले को टालने के कदम पर सहमति जताई है। बुधवार से संसद में सामान्य कामकाज होगा।

दोनों सदनों में सरकार के इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी कि खुदरा क्षेत्र में 51 फीसदी एफडीआई को इजाजत देने के फैसले को तब तक निलंबित रखा जाए जब तक विभिन्न पक्षों के बीच सलाह मशविरा कर आम राय नहीं बन जाती। भाकपा ने कहा कि एफडीआई संबंधी फैसले को वस्तुत: वापस लेना है, हम संसद में कामकाज चलने देंगे।

राजीव शुक्ला ने कहा कि वित्त मंत्री ने राजनीतिक दलों के नेताओं को सरकार के फैसले से अवगत कराया और सभी नेता उससे सहमत हो गये। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों कुछ स्पष्टीकरण मांगे जिसमें संबद्ध पक्षों का दायरा शामिल था। संबद्ध पक्ष सभी राजनीतिक दल और राज्य होंगे।  ये उन्हें (राजनीतिक दलों को) स्पष्ट कर दिया गया है, जिसके बाद वे सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने पर राजी हो गये।
   
तणमूल कांग्रेस सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि संसद के संकट को हल करने का रास्ता वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ निकाला। सरकार ने गतिरोध दूर करने के लिए ममता के साथ प्रस्ताव पर चर्चा की।
   
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में तय हुआ है कि सरकार फिलहाल एफडीआई पर फैसला वापस ले रही है। वे जो भी शब्द इस्तेमाल करें। फैसला लागू नहीं होगा। भविष्य में इस मुद्दे पर जो भी फैसला होगा, सभी संबद्ध पक्षों के बीच आम सहमति से होगा।
   
भाजपा नेता कीर्ति आजाद ने कहा कि सरकारी प्रस्ताव का यह मतलब नहीं है कि एफडीआई पर सरकार के साथ सहमति बन गयी। हमारा रूख है कि खुदरा में कोई एफडीआई नहीं होगा। ये वो रूख है जो काफी मजबूत है और जिसे भाजपा, वाम तथा विपक्ष सरकार के भीतर मौजूद लोगों ने काफी मजबूती से लिया है।
   
राजद नेता लालू प्रसाद ने कहा कि विभिन्न संबद्ध पक्षों के बीच आम सहमति बनने तक इस फैसले को स्थगित कर दिया गया है। अक्षय उर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार ने फैसला स्थगित कर दिया है और अब इस बारे में फैसला विभिन्न राजनीतिक दलों, मुख्यमंत्रियों और अन्य संबद्ध पक्षों के साथ बातचीत के बाद ही लिया जाएगा। अब्दुल्ला ने कहा कि फैसला वापस नहीं लिया गया है। इसे स्थगित किया गया है ताकि संसद चल सके।
   
सरकार ने भाजपा और वाम दलों सहित विपक्षी दलों के सुक्षाव पर सर्वदलीय बैठक बुलायी थी। येचुरी ने कहा कि वाम दलों ने यह मुद्दा उठाया था कि संबद्ध पक्षों में कौन शामिल होगा। वाम दलों ने ही राजनीतिक दलों, राज्यों और अन्य संबद्ध पक्षों को शामिल करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि महंगाई और काले धन पर कार्य स्थगन प्रस्ताव अब आएगा। हमने काले धन के प्रस्ताव में संशोधन के लिए कहा है। हमने कहा है कि काले धन के साथ भ्रष्टाचार को भी शामिल किया जाए।

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